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राज्य कृषि समाचार (State News)

राजस्थान: कृषक-वैज्ञानिक संवाद में 55 किसानों ने लिया हिस्सा, विशेषज्ञों ने बताए रोग प्रबंधन व प्राकृतिक खेती के तरीके  

13 मार्च 2026, जयपुर: राजस्थान: कृषक-वैज्ञानिक संवाद में 55 किसानों ने लिया हिस्सा, विशेषज्ञों ने बताए रोग प्रबंधन व प्राकृतिक खेती के तरीके – राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले के कार्यालय उपनिदेशक कृषि एवं पदेन परियोजना निदेशक (आत्मा) श्रीगंगानगर के सभागार में बुधवार को एक दिवसीय कृषक वैज्ञानिक संवाद का आयोजन किया गया, जिसमें जिले के लगभग 55 कृषकों ने भाग लिया।

अतिरिक्त निदेशक कृषि (विस्तार) हरबंस सिंह ने कृषि विभाग की देय सुविधाओं व प्रधानमंत्री फसल बीमा से संबंधित जानकारी किसानों से साझा की। संयुक्त निदेशक कृषि (विस्तार) सुरजीत कुमार बिश्नोई ने भूमि के अंदर कम हो रहे आर्गेनिक कार्बन कैसे बढाया जाये, मृदा परीक्षण की सम्पूर्ण जानकारी तथा अधिक से अधिक प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की और किसानों का ध्यान केन्द्रित किया। डॉ. विनोद सिंह गौतम उप निदेशक कृषि एवं पदेन परियोजना निदेशक (आत्मा) द्वारा कटाई के बाद अनाज में लगने वाले फफूंद एवं विभाग द्वारा चल रही किसान सुविधा एप व एनपीएस ऐप पर विस्तृत से चर्चा की।

सुदेश कुमार उप परियोजना निदेशक (आत्मा) द्वारा आत्मा योजना अन्तर्गत किसान हित के लिए आत्मा द्वारा चलाई गई योजनाएं कृषक प्रशिक्षण, कृषक भ्रमण, कृषक पुरस्कार, किसान मेला इत्यादि में कृषक भाग लेकर नये नवाचार को अपनाकर कृषि उत्पादन में वृद्धि करने व आय बढ़ाने की सलाह दी। साथ में यह बताया कि कृषक जैविक, नवाचार, उद्यानिकी, पशुपालन में उत्कृष्ट कार्य कर जिला एवं ब्लॉक स्तर पर चयनित होकर क्रमशः 25000 रूपये एवं 10000 रूपये पुरस्कार स्वरूप प्राप्त कर सकते हैं।

राजेन्द्र प्रसाद नैण ने उद्यान विभाग द्वारा देय विभागीय योजनाओं एवं उन पर देय अनुदान की जानकारी दी। श्री सुरेन्द्र सिंह उप निदेशक कृषि (शस्य) द्वारा नींबू वर्गीय विभिन्न फसलों में लगने वाले रोगों एवं उनके निदान के बारे में विस्तृत से जानकारी दी।  दुष्यंत कृषि अनुसंधान अधिकारी (पौध व्याधि) एटीसी श्रीकरणपुर ने फसलों में लगने वाले रोग व उनके प्रबंधन के बारे में जानकारी दी।

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शिव प्रकाश भादु, श्री राम कुमार व गिरधारी लाल प्रगतिशील कृषकों द्वारा जैविक खेती पर विस्तृत रूप से चर्चा करते हुए जीवामृत, बीजामृत, दशपर्णी, नीमास्त्र व भूमि में फसल अवशेष प्रबंधन को विस्तार से किसानों को बताया। श्री ओमप्रकाश शर्मा सेवानिवृत कृषि अनुसंधान अधिकारी (वनस्पति) ने बीजों में पंजीकृत बीज, फाउंडेशन बीज, रिसर्च बीज के बारे में किसानों के साथ विस्तृत रूप से चर्चा की। इसके साथ महावीर प्रसाद पचार, सोहन लाल शर्मा,  बसन्त सिंह, गुरजंट सिंह व हरजिन्द्र सिंह कीट वैज्ञानिक कृषक वैज्ञानिक संवाद में कृषकों से विस्तृत रूप से चर्चा की।

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