राज किसान साथी पोर्टल से सुगम होगी किसानों की राह

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खेती में डिजिटल तकनीक को बढ़ावा

1 सितम्बर 2021, जयपुर । राज किसान साथी पोर्टल से सुगम होगी किसानों की राह – राज्य सरकार किसान कल्याण की दिशा में निरन्तर महत्वपूर्ण फैसले ले रही है। किसानों की आजीविका एवं जीवन को सुगम बनाने के लिए लगातार नवाचारों को भी प्रोत्साहन दिया जा रहा है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने पूर्व प्रधानमंत्री स्व.राजीव गांधी की जयंती पर राज किसान साथी पोर्टल rajkisan.rajasthan.gov.in का लोकार्पण किया। यह किसानों को डिजिटल तकनीक से जोडक़र उन्नत कृृषि और कृृषि विपणन की ओर आगे बढ़ाने में अहम होगा।

  • किसानों को योजनाओं की जानकारी और आवेदन की सुविधा एक ही प्लेटफॉर्म पर
  • ईज ऑफ डूईंग फार्मिंग  के  रूप में विकसित किया गया है पोर्टल

मुख्यमंत्री ने वर्ष 2019-20 के बजट में घोषणा की थी कि जिस तरह से व्यापारियों के लिए ‘ईज ऑफ डूईंग बिजनेस’ के रूप में अनेक सुविधा दी गई है। इसी तरह किसानों के लिए भी ‘इज ऑफ डूईंग फार्मिंग’ के रूप में सुविधा दी जाएगी। सरकार की इस किसान हितैषी सोच को साकार करने के लिए एकल खिडक़ी के रूप में राज किसान साथी पोर्टल बनाया गया है। किसानों के लिए चलाई जा रही सभी योजनाओं की जानकारी और उनका लाभ लेने के लिए आवेदन की सुविधा इसी पोर्टल पर उपलब्ध कराई गई है। आवेदन प्रकिया को इसमें सरल, सुगम और पेपरलैस बनाया गया है। इससे आवेदनों के निस्तारण में गति आयेगी और पारदर्शिता भी बढ़ेगी।

कुल 144 मॉड्यूल्स विकसित होंगे

यह पोर्टल सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग तथा राजकॉम्प इन्फो सिस्टम लिमिटेड के माध्यम से विकसित करवाया जा रहा है। यह कार्य चरणबद्ध रूप में पूर्ण किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट के तहत कृृषि एवं सम्बंधित विभागों के कुल 144 मॉड्यूल्स विकसित किये जाएंगे, जिनमें से वर्ष 2020-21 में 46 मॉड्यूल्स तैयार किये जा चुके हैं तथा 2021-22 में 50 मॉड्यूल्स बनाये जा रहे हैं।

आवेदन प्रक्रिया को किया सरल

कृृषि मंत्री श्री लालचंद कटारिया ने बताया कि राज किसान साथी पोर्टल पर आवेदक ई-मित्र के अलावा स्वयं के स्तर पर जनाधार या एसएसओ आईडी के जरिए आवेदन कर सकता है। आवेदन प्रक्रिया को एकदम सरल कर दिया गया है। पहले आवेदन फार्म बड़ा था, जिसमें लगभग 40 तरह की सूचना भरनी होती थी और 7 तरह के दस्तावेज आवेदन फार्म के साथ अपलोड करने पड़ते थे, फिर इन सभी दस्तावेजों की फाइल बनाकर विभाग के कार्यालय में जमा करवानी पड़ती थी।

जनाधार नम्बर डालते ही सारा विवरण स्वत: आ जाएगा

श्री कटारिया ने बताया कि अब राज किसान साथी पोर्टल पर जनाधार नम्बर डालते ही किसान का फोटो, पता, बैंक खाता आदि का विवरण अपने आप आ जाता है। साथ ही, किसान की जमाबंदी और नक्शा राजस्व विभाग के ई-धरती पोर्टल से आवेदन में आ जाएगा। आवेदक को केवल जमीन की खाता और खसरा संख्या भरनी होगी। अब किसी तरह की पत्रावली कार्यालय में जमा नहीं करवानी होगी। ऑनलाइन आवेदन करते ही विभाग के कार्यालय में पहुंच जाएगा और किसान के मोबाइल पर संदेश आ जाएगा।

आवेदन से भुगतान तक की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन

विभाग के प्रमुख शासन सचिव श्री भास्कर सावंत ने बताया कि कार्यालय में आवेदन की जांच भी ऑनलाइन होगी। मौके पर भौतिक सत्यापन भी मोबाइल एप के जरिये ऑनलाइन होगा, जिसमें आवेदक किसानों के फोटो के साथ समय, तारीख और स्थान आएगा। कार्यालय में प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृृति भी ऑनलाइन जारी होगी और लाभार्थी के जनाधार से जुड़े बैंक खाते में अनुदान सहायता का भुगतान कर दिया जाएगा। यानि आवेदन से लेकर भुगतान तक की सम्पूर्ण प्रक्रिया ऑनलाइन होगी।

अब तक 2 लाख से अधिक आवेदन पोर्टल पर आए

कृृषि आयुक्त डॉ. ओमप्रकाश ने बताया कि कृृषि, उद्यान और कृृषि विपणन की प्रमुख योजनाएं जैसे फार्म पौण्ड, डिग्गी, जल हौज, सिंचाई पाइप लाइन, कृृषि यंत्र, ड्रिप, स्प्रिंक्लर, ग्रीन हाऊस, शैडनेट, राजीव गांधी कृृषक साथी योजना, कृृषि विषय लेकर पढ़ाई करने वाली छात्राओं को प्रोत्साहन राशि आदि के अब तक 2 लाख से अधिक आवेदन इस पोर्टल पर आए हैं।

बीज, खाद और कीटनाशी के लाइसेन्स भी ऑनलाइन

कृृषि प्रसंस्करण और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए चलाई जा रही पूंजी निवेश और भाड़ा अनुदान योजना के ऑनलाइन आवेदन की सुविधा भी इसी पोर्टल पर दी गई है। बीज, खाद और कीटनाशी के निर्माता और विक्रेताओं को लाइसेन्स भी ऑनलाइन जारी किए जा रहे हैं। स्प्रिंक्लर, ड्रिप, पाइपलाइन निर्माताओं एवं बीटी कपास के विक्रेताओं का पंजींयन भी ऑनलाइन किया जा रहा है।

प्रक्रिया के प्रत्येक चरण पर आएगा मोबाइल संदेश

आवेदक किसान एवं व्यापारियों को एक और सुविधा है कि प्रक्रिया के प्रत्येक चरण की जानकारी उनके मोबाइल पर संदेश के माध्यम से भेजी जाती है। आवदेक को कार्यालय में संपर्क करने की आवश्यकता नहीं है। वह अपने आवेदन की स्थिति की जांच ऑनलाइन भी कर सकते हैं।

आठ मोबाइल एप भी बनाए

राज किसान साथी पोर्टल पर किसानों, व्यापारियों और कार्मिकों के लिए 8 मोबाइल एप भी बनाए गए हैं। किसानों के लिए चलाई जा रही योजनाओं और अनुदान के बारे में जानकारी के लिए राज किसान सुविधा एप तैयार किया गया है। जैविक उपज तथा खजूर के पौधों की बिक्री के लिए खरीददार और विक्रेता के पंजीयन के लिए राज किसान क्रेता-विक्रेता मोबाइल एप बनाया गया है। टिड्डी मॉनिटरिंग और नियंत्रण की जानकारी के लिए राज किसान लोकस्ट एप बनाया गया है। भविष्य में कृृषि, उद्यान, विपणन आदि सम्बद्ध विभागों की समस्त प्रक्रियाओं को ऑनलाइन किया जाएगा और किसानों के लिए मण्डी भाव, फसल मौसम सलाह, बीमारी की पहचान और निदान, कृृषि यंत्र किराये पर लेने की सुविधा, आसपास मौजूद गोदाम, प्रसंस्करण इकाई आदि की जानकारी के लिए भी मोबाइल एप बनाये जाएंगे।

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