रायपुर: सरगुजा के किसान ने अपनाई सुगंधित धान की खेती, सरकार देगी 45 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि
18 अक्टूबर 2026, रायपुर: रायपुर: सरगुजा के किसान ने अपनाई सुगंधित धान की खेती, सरकार देगी 45 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि – छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के एक किसान ने पारंपरिक धान की खेती के बजाय सुगंधित धान की खेती अपनाई है। किसान की इस पहल को फसल विविधीकरण और खेती से होने वाली आय बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राज्य सरकार की कृषक उन्नति योजना के तहत किसान को सुगंधित धान की खेती के लिए प्रति एकड़ 15 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि मिलेगी। तीन एकड़ में खेती करने के कारण उसे कुल 45 हजार रुपये की सहायता प्राप्त होगी।
तीन एकड़ में की सुगंधित धान की खेती
सरगुजा जिले के उदयपुर विकासखंड के लक्ष्मणगढ़ गांव के किसान शंकर प्रसाद ने तीन एकड़ भूमि में सुगंधित धान की खेती की है। उन्होंने पारंपरिक धान की खेती के स्थान पर सुगंधित धान का विकल्प चुना है। इस तरह की खेती को बढ़ावा देने का उद्देश्य किसानों को फसल विविधीकरण के लिए प्रोत्साहित करना और उनकी आय बढ़ाने के अवसर उपलब्ध कराना है।
कृषक उन्नति योजना के तहत मिलेगी सहायता
छत्तीसगढ़ सरकार की कृषक उन्नति योजना के तहत सुगंधित धान की खेती करने वाले किसान को प्रति एकड़ 15 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि देने का प्रावधान है। इस दर के अनुसार, शंकर प्रसाद को तीन एकड़ में खेती करने पर कुल 45 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि मिलेगी।
फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने की पहल
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार किसानों को खेती में नए विकल्प अपनाने और फसल विविधीकरण के लिए प्रोत्साहित कर रही है। सुगंधित धान की खेती को भी इसी पहल से जोड़कर देखा जा रहा है। इसका उद्देश्य किसानों को पारंपरिक फसलों के साथ अन्य विकल्प अपनाने के लिए प्रेरित करना और कृषि से बेहतर आय प्राप्त करने की संभावनाओं को बढ़ाना है।
आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़, व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global Agriculture


