मसाला फसलों के अनुसंधान के लिए रायगढ़ सर्वश्रेष्ठ केन्द्र के रूप में सम्मानित

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07 अक्टूबर 2020, रायपुर। मसाला फसलों के अनुसंधान के लिए रायगढ़ सर्वश्रेष्ठ केन्द्र के रूप में सम्मानित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के रायगढ़ के मसाला अनुसंधान केन्द्र को वर्ष 2019-20 हेतु भारत के सर्वश्रेष्ठ मसाला अनुसंधान केन्द्र के रूप में सम्मानित किया गया है। केन्द्र को यह सम्मान अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना (मसाला) की 31वीं वार्षिक कार्यशाला के अवसर पर प्रदान किया गया। रायगढ़ केन्द्र को यह सम्मान हल्दी, अदरक, धनिया, मेथी, अजवाइन आदि मसाला फसलों की नई किस्मों के विकास, फसल सुधार, अनुसंधान एवं विस्तार हेतु दिया गया है।

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धनिया, हल्दी की नई किस्में

केन्द्र द्वारा विकसित धनिया की दो किस्मों सी.जी धनिया-1 को छत्तीसगढ़ राज्य हेतु एवं सी.जी श्री चन्द्रहासिनी धनिया-2 को छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, राजस्थान, बिहार, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, गुजरात, उत्तराखंड, आंध्रप्रदेश एवं तमिलनाडु राज्यों के लिए वर्ष 2019 में जारी तथा अधिसूचित किया गया है। वर्तमान में केन्द्र द्वारा विकसित हल्दी की दो नवीन किस्मों सी.जी. हल्दी-1 एवं सी.जी. हल्दी-2 को छत्तीसगढ़ राज्य किस्म बीज उपसमिति द्वारा जारी करने हेतु पहचान किया गया है। इस नवीन किस्म को राज्यों के लिए अधिसूचित करने हेतु प्रस्ताव सी.वी.आर.सी. नई दिल्ली समक्ष विचाराधीन है। छत्तीसगढ़ राज्य किस्म बीज उपसमिति द्वारा राज्य हेतु केन्द्र की पहली अजवाइन की किस्म सी.जी. अजवाइन-1 की भी पहचान की गई है। परियोजना के वैज्ञानिक डाॅ. ए.के. सिंह एवं डाॅ. श्रीकांत सवरगांवकर ने हल्दी और अदरक के उत्पादन हेतु कम लागत वाली ‘‘प्रकंद गुणा फसल उत्पादन एवं संरक्षण’’ नामक नवीन तकनीक का विकास किया है जो किसानों के लिए लाभदायी साबित होगी।

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