रबी फसलों में रोग-कीट का खतरा, वैज्ञानिकों ने जारी की जरूरी एडवाइजरी
15 फरवरी 2026, भोपाल: रबी फसलों में रोग-कीट का खतरा, वैज्ञानिकों ने जारी की जरूरी एडवाइजरी – गेहूं की फसल गभोट व बालियों की अवस्था पर, चना-मसूर की फसल घेंटी व दाना पड़ने की अवस्था पर है। इस समय रबी फसलों में कीट- रोग नियंत्रण के उपाय करें। कृषि वैज्ञानिक गभोट, पुष्पन व दुग्ध अवस्था गेहूं की फसल (गभोट अवस्था) यानी 60 से 65 दिन की हो चुकी है तो जल विलेय उर्वरक एन.पी.के. 18:18:18 मात्रा 1 किलो को 200 लीटर पानी में घोल बनाकर प्रति एकड़ छिड़काव करें। पुष्पन अवस्था यानी 80 से 85 दिन की हो चुकी है तो जल विलेय उर्वरक एन.पी.के. 0:52:34 मात्रा 1 किग्रा को 200 लीटर पानी में घोल बनाकर प्रति एकड़ छिड़काव करें।
कृषि वैज्ञानिक गेहूं की फसल दुग्ध अवस्था यानी 100 से 105 दिन हो चुकी है तो जल विलेय उर्वरक एन.पी.के. 0:0:50 मात्रा 1 किलो एवं बोरॉन (20%) मात्रा 100 ग्राम को 200 लीटर पानी में घोलकर प्रति एकड़ छिड़कें। चूहों के नियंत्रण के लिए खेत में चूहों के बिल के आस-पास 2-3 दिन तक पुराने अनाज को रात भर गलाकर हलके से उबाल कर जगह-जगह भुरकें। बाद में पुराने अनाज में जिंक फॉस्फाइड मिलाकर जगह-जगह डालें।
कृषि वैज्ञानिक लहसुन एवं प्याज लहसुन व प्याज की फसल 80 से 85 दिन की हो चुकी है तो की बढ़वार के लिए जल वरक एन.पा.क मात्रा 100 ग्राम 0:52:34 मात्रा 1 किलोग्राम एवं एवं बोरॉन को 200 लीटर पानी में घोलकर प्रति एकड़ छिड़कें। टमाटर, मिर्च, भटा सब्जी फसलों में रस चूसक कीट माहू, मच्छर एवं लीफ कर्ल रोग नियंत्रण के लिए थायोमिथाक्जाम 25 डब्ल्यू.जी. या एसिटामिप्रिड 20 एस.पी. की मात्रा 50 ग्राम प्रति एकड़ या फिप्रोनिल 5% मात्रा 100 मिली/ एकड़ व घुलनशील सल्फर 80% मात्रा 300 ग्राम/ एकड़ 200 लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़कें।
धनिया में जनवरी के अंतिम अथवा फरवरी के प्रथम सप्ताह में धनिया की पत्तियों, डंठल एवं तनों में सूजन दिखती है। ऐसे में कार्बेण्डाजिम + मैन्कोजेब मात्रा 2 ग्राम प्रति लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़कें। गेहूं (झंडा रोग) का नियंत्रण… गेहूं में पौधों की पत्तियां झड़ने लगती है एवं पत्तियों पर काला-काला पाउडर बन जाता है। इस पर नियंत्रण के लिए प्रोपिकोनाजोल 25 ई.सी. मात्रा 200 मिली प्रति 200 लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करें।
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