बड़वानी के कपास की सुधरेगी गुणवत्ता, हर बेल पर 500 रुपए तक इंसेंटिव; टेस्टिंग लैब भी होगी स्थापित
12 सितंबर 2026, बड़वानी: बड़वानी के कपास की सुधरेगी गुणवत्ता, हर बेल पर 500 रुपए तक इंसेंटिव; टेस्टिंग लैब भी होगी स्थापित – मध्यप्रदेश के बड़वानी जिले में कपास की गुणवत्ता सुधारने और किसानों को गुणवत्तायुक्त कपास उत्पादन के लिए प्रोत्साहित करने की दिशा में पहल की जा रही है। इसका उद्देश्य बड़वानी के कपास को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में अलग पहचान दिलाना है। इसी क्रम में कस्तूरी कॉटन भारत मिशन के तहत भारतीय कपास निगम (CCI) के सीएमडी ललित कुमार गुप्ता ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कलेक्टर बड़वानी, जिले के अधिकारियों और जिनिंग एवं स्पिनिंग उद्योग से जुड़े व्यापारियों के साथ चर्चा की।
कपास की गुणवत्ता जांच के लिए बनेगी टेस्टिंग लैब
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में भारत सरकार के अधिकारियों ने बताया कि बड़वानी जिले में कपास की गुणवत्ता का वैज्ञानिक परीक्षण करने के लिए कॉटन टेस्टिंग लैब स्थापित करने की पहल की जा रही है। कपास की गुणवत्ता में और सुधार के लिए पोस्ट-क्लीनिंग मशीन लगाने का प्रावधान भी किया गया है। कस्तूरी कॉटन के तहत गुणवत्तायुक्त कपास की प्रत्येक बेल पर 500 रुपए तक का प्रोत्साहन (इंसेंटिव) दिए जाने का प्रावधान बताया गया है।
स्वच्छता और बेहतर प्रबंधन पर जोर
कस्तूरी कॉटन भारत मिशन का उद्देश्य भारतीय कपास की विशिष्ट पहचान और गुणवत्ता को देश-विदेश के बाजारों में स्थापित करना है। इसके लिए कपास की गुणवत्ता, स्वच्छता, जिनिंग प्रक्रिया, ट्रेसबिलिटी और बेहतर प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। किसानों को कपास की पिकिंग से लेकर भंडारण और परिवहन तक स्वच्छता बनाए रखने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। कपास में मिट्टी, कचरा, पत्तियां और अन्य बाहरी सामग्री की मिलावट रोकने पर भी विशेष जोर दिया जाएगा।
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