राज्य कृषि समाचार (State News)

पांढुर्ना: खाद-बीज की सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित की जाए: कलेक्टर श्री वशिष्ठ

20 अगस्त 2026, पांढुर्ना: पांढुर्ना: खाद-बीज की सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित की जाए: कलेक्टर श्री वशिष्ठ – कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ ने बुधवार को कृषि विभाग एवं आत्मा परियोजना के कार्यों की समीक्षा करते हुए किसानों के हित से जुड़े कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसानों को खेती के लिए आवश्यक खाद, बीज एवं अन्य कृषि आदान सुचारू रूप से उपलब्ध हों, यह सुनिश्चित किया जाए। साथ ही जिले में कृषि नवाचार, अंतर्वर्ती फसल प्रणाली एवं प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए प्रभावी प्रयास किए जाएं।

 समीक्षा बैठक में कृषि विभाग द्वारा विभिन्न योजनाओं, कृषि गतिविधियों एवं उपलब्धियों की प्रगति का प्रस्तुतीकरण दिया गया। उपसंचालक कृषि ने जिले में उर्वरकों के उपलब्ध भंडारण एवं वितरण व्यवस्था की जानकारी दी। कलेक्टर ने उर्वरकों की उपलब्धता और वितरण पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए, ताकि किसानों को आवश्यकता के समय बिना परेशानी के उर्वरक उपलब्ध हो सके।

कम पानी वाली फसलों को करें प्रोत्साहित – आगामी रबी मौसम की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर श्री वशिष्ठ ने कम पानी में बेहतर उत्पादन देने वाली फसलों के बीजों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसानों को ऐसी फसलों के चयन के लिए प्रेरित किया जाए, जिनमें कम सिंचाई की आवश्यकता हो और जो स्थानीय परिस्थितियों के अनुकूल हों। उन्होंने जिले में अंतर्वर्ती फसल प्रणाली को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया। कलेक्टर ने कहा कि एक ही खेत में विभिन्न फसलों की अंतर्वर्ती खेती से किसानों को अतिरिक्त आय प्राप्त होने के साथ फसल खराब होने की स्थिति में जोखिम भी कम किया जा सकता है। इसके लिए कृषि विभाग किसानों के बीच जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करे।

प्राकृतिक खेती से घटेगी लागत, बढ़ेगी मिट्टी की उर्वरता–  कलेक्टर ने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के निर्देश देते हुए कहा कि प्राकृतिक कृषि पद्धतियों को अपनाकर किसान खेती की लागत कम करने के साथ मिट्टी की उर्वरता और पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान दे सकते हैं। उन्होंने किसानों को प्राकृतिक खेती की तकनीकों की जानकारी देने, प्रशिक्षण उपलब्ध कराने तथा सफल किसानों के अनुभवों को अन्य किसानों तक पहुंचाने के निर्देश दिए।

उत्कृष्ट किसानों को मिलेगा प्रोत्साहन – बैठक में आत्मा परियोजना के अंतर्गत दिए जाने वाले कृषक पुरस्कारों की भी जानकारी ली गई। बताया गया कि कृषक पुरस्कार के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 20 अगस्त 2026 निर्धारित है। कलेक्टर ने जिले के अधिक से अधिक किसानों को पुरस्कार के लिए आवेदन करने हेतु प्रेरित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में नवाचार, उन्नत तकनीक, प्राकृतिक खेती एवं बेहतर कृषि पद्धतियों को अपनाकर उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसानों को प्रोत्साहित और सम्मानित किया जाना चाहिए, ताकि उनके प्रयास अन्य किसानों के लिए प्रेरणा बन सकें।

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