अब धान से इथेनॉल बनेगा – श्री गड़करी

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23 जून 2022, इंदौर । अब धान से इथेनॉल बनेगा – श्री गड़करी पेट्रोल -डीज़ल के लगातार बढ़ते दामों से सभी परेशान हैं। देश को विदेशों से बड़ी मात्रा में ईंधन का आयात करना पड़ रहा है। इन हालातों को देखते हुए  केंद्र सरकार ने पहले गन्ने से इथेनॉल बनाया ,अब धान से इथेनॉल बनाने की तैयारी है। यह बात केंद्रीय परिवहन मंत्री श्री नितिन गड़करी ने गत दिनों गोंदिया (महाराष्ट्र)  के एक कार्यक्रम में कही।

श्री गड़करी ने कहा कि देश में धान ,चना,मक्का ,गेहूं और शकर का सरप्लस स्टॉक है। किसानों की शिकायत है कि सरकार धान नहीं खरीद रही है। हालात यह है कि पंजाब और हरियाणा के गोदामों में धान रखने की जगह नहीं है। यह तो अच्छा हुआ कि यूक्रेन-रूस युद्ध के कारण देश का चावल और गेहूं निर्यात हो रहा है,अन्यथा धान उगाने वालों का भविष्य अच्छा नहीं है। इन परिस्थितियों को देखते हुए उन्होंने भंडारा -गोंदिया जिले के किसानों से तेल वाली फसलों जैसे सोयाबीन,सूर्यमुखी,सरसों और मूंगफली को उगाने का आह्वान किया ।

केंद्रीय परिवहन मंत्री ने कहा कि सरकार की सोच है कि किसान केवल अन्नदाता ही नहीं, ऊर्जादाता भी बने। इसलिए पहले सरकार ने गन्ने से इथेनॉल बनाया। अभी हम पेट्रोल में 20 % इथेनॉल मिला रहे हैं। अभी देश को 450 करोड़ लीटर इथेनॉल मिल रहा है ,जो ज़रूरत की उपलब्धता का आधा ही है। इसलिए सरकार अब धान से इथेनॉल बनाने की तैयारी कर रही है। श्री गड़करी ने जानकारी दी कि रूस के वैज्ञानिकों ने पेट्रोल और इथेनॉल की समान मात्रा लेकर प्रयोग किया तो पाया कि इथेनॉल की कैलोरिक वेल्यू पेट्रोल की तुलना में कम है , अर्थात एक लीटर से केवल 350  मिली लीटर इथेनॉल मिल रहा है। इसके बाद उन्होंने अपने निवास पर इंडियन ऑइल के चेयरमैन श्री वैद्य के साथ वैज्ञानिक श्री रामकुमार से प्रयोगशाला में नया प्रयोग करने को कहा तो उन्होंने इसे असंभव बताया, लेकिन फिर भी उन्हें प्रयास करने को कहा। तीन माह बाद  इंडियन ऑइल ने परीक्षण की सफलता का पत्र भेजा कि यह प्रयोग सफल रहा और अब पेट्रोल और इथेनॉल शत प्रतिशत बराबर है। अब भारत सरकार इसे लागू कर रही है। श्री गड़करी ने कहा कि देश में 10 लाख करोड़ का पेट्रोल -डीज़ल आयात हो रहा है और ऊपर से प्रदूषण भी हो रहा है। इसे देखते हुए अब धान से इथेनॉल बनाने की योजना है। भंडारा -गोंदिया जिले के विकास के लिए देवाड़ा में 600 करोड़ रु का नया विस्तार कर रहे हैं। इसका तीन माह में भूमि पूजन कर कार्य का शुभारम्भ करेंगे। यहां इथेनॉल बनेगा। इसके लिए 600 टन प्रति दिन राइस कट और 1000 टन प्रति दिन राइस स्ट्रा की ज़रूरत पड़ेगी। इसके परिवहन का कार्य गोंदिया जिले को मिलेगा , जिससे 5 हज़ार लोगों को रोज़गार मिलेगा।

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