राज्य कृषि समाचार (State News)

‘राष्ट्रीय किसान दिवस एवं सोया कृषक मेला’ आयोजित

24 दिसंबर 2025, इंदौर:राष्ट्रीय किसान दिवस एवं सोया कृषक मेला’ आयोजित – राष्ट्रीय सोयाबीन अनुसंधान संस्थान, इंदौर द्वारा आज ‘राष्ट्रीय किसान दिवस एवं सोया कृषक मेला ‘ का आयोजन किया गया , जिसमें  मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र एवं राजस्थान के संस्थान के 150 कर्मचारियों तथा 300 कृषकों ने भाग लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता  संस्थान के निदेशक डॉ के.एच.सिंह ने की।

 इस अवसर पर आयोजित कृषक संगोष्ठी कृषकों ने अपने –अपने अनुभव साझा   किए।   इस  दौरान  सोयाबीन में पीला मोज़ेक वायरस बीमारी का प्रकोप प्रमुख समस्या पाई  गई । इस रोग की वाहक सफेद  मक्खी के नियंत्रण के बारे में संस्थान के वैज्ञानिक डॉ लोकेश कुमार मीना ने बताया कि इस रोग के प्रारंभिक लक्षण  दिखते ही  पूर्व मिश्रित थायोमिथोक्सम+लैम्ब्डा सायहेलोथ्रिन का  छिड़काव  करने से इसका प्रभावी नियंत्रण किया जा सकता  है। संस्थान के रोग विशेषज्ञ डॉ संजीव कुमार ने अनुशंसित फफूंदनाशक के साथ – साथ कीटनाशक से भी बीज उपचार करने की सलाह  दी।  

डॉ के.एच.सिंह ने कहा कि विगत वर्ष आयोजित ‘राष्ट्रीय किसान दिवस ‘ के  दौरान  NRC- 150, JS 22-12 एवं JS 23-03 जैसी सोया  किस्मों  का बीज उपलब्ध किया गया था, जिसकी बहुत अच्छी प्रतिक्रिया मिली | इसी परिप्रेक्ष्य  में इस वर्ष भी इन्ही किस्मों को 5-5 किलो की पैकिंग में कुल 853  थैलियां  वितरित की गयी हैं। उन्होंने कहा कि इस बीज को ग्रीष्म कालीन जनवरी-  फरवरी  माह में बोवनी कर अप्रैल तक 10 गुना बीज  बढ़ाया जा सकता  है , जिसे खरीफ के दौरान  वृहद  स्तर पर बोवनी हेतु उपयोग किया जाएगा।

इस वर्ष संस्थान के सोयाबीन बीजोत्पादन कार्यक्रम के अंतर्गत अधिकाधिक सोयाबीन उत्पादन प्राप्त करने वाले मध्य प्रदेश के चार सोया कृषक श्री दशरथ शंकरलाल सोनगरा (रतनखेड़ी, जिला-इंदौर), श्री मुकेश बलदेव राठौर एवं श्री सोहन सिंह पटेल , (बेटमा खुर्द, जिला-इंदौर), श्री धर्मेन्द्र सिंह सोलंकी (बारखेड़ा, जिला-उज्जैन) तथा महाराष्ट्र के अमरावती जिले से श्री नरेन्द्र  काशीराव शिंगणे और राजस्थान के झालावाड़  जिले से श्री मुकेश पाटीदार, को सम्मानित किया  गया।  इस अवसर पर संस्थान की वैज्ञानिक डॉ. नेहा पांडे ने ‘सोयाबीन के प्रसंस्करण ‘ विषय पर व्याख्यान  दिया।

 इस अवसर पर दिल्ली से प्रसारित केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान का  संबोधन  भी सुना गया जिसमें उन्होंने खाद्यान्न के साथ-साथ दलहन और तिलहन का उत्पादन बढ़ाने  के साथ ही जैविक और प्राकृतिक खेती को बढ़ाने की सलाह दी। नई योजना “विकसित भारत जी राम जी”  कृषि कार्यों में श्रमिकों की उपलब्धता सुनिश्चित करेंगी। इसे लेकर कृषि से सम्बद्ध  विभाग किसानों को जागरूक करें। कार्यक्रम के आरम्भ में  स्वागत भाषण डॉ. बी.यू.दुपारे ने  दिया। कार्यक्रम का संचालन श्री श्याम किशोर वर्मा ने किया और धन्यवाद ज्ञापन डॉ पूनम कुचलान ने दिया।

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