राज्य कृषि समाचार (State News)

दुधारू पशुओं लिए कारगर नुस्खा है सरसों का तेल

25 नवंबर 2025, भोपाल: दुधारू पशुओं लिए कारगर नुस्खा है सरसों का तेल – जी हां ! सरसो का तेल न केवल  इंसानों के लिए फायदेमंद बताया गया है वहीं गाय भैंसों के लिए भी कारगार नुस्खा है. कृषि वैज्ञानिकांे का यह कहना है कि यदि सरसो के तेल का उपयोग सही तरीके से किया जाए तो दुधारू पशुओं की दूध देने की क्षमता में बढ़ोतरी हो सकती है.

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, दूध देने वाले पशुओं  में सरसों का तेल सबसे ज्यादा इसलिए उपयोग किया जाता है क्योंकि यह उनके पाचन और ऊर्जा स्तर को बेहतर बनाता है. किसानों का अनुभव है कि गेहूं के आटे और सरसों के तेल का बराबर मिश्रण दूध बढ़ाने में बहुत असरदार होता है. इस मिश्रण को शाम के समय चारा खिलाने के बाद देना चाहिए और इसके बाद पानी नहीं पिलाना चाहिए. ऐसा करने से पाचन सही रहता है और तेल की गर्म तासीर शरीर में जल्दी असर करती है. कुछ दिनों में फर्क साफ दिखने लगता है-पशु ज्यादा दूध देता है और पहले से ज्यादा सक्रिय भी नजर आता है.

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अगर पशु थका हुआ हो, चलने में दर्द हो रहा हो या किसी वजह से शरीर में सूजन हो, तो सरसों का तेल  राहत देने में खास भूमिका निभाता है. यह तेल शरीर की अंदरूनी जकड़न को खोलता है और मांसपेशियों में गर्माहट पहुंचाता है. मानसून के समय जब बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है, उस दौरान सरसों का तेल पशुओं में रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करता है. इसे खिलाने से शरीर में एक तरह की प्राकृतिक ढाल बनती है, जो छोटे-मोटे संक्रमणों से सुरक्षा देती है. किसानों का कहना है-इलाज से बेहतर बचाव है, और बचाव में सरसों का तेल सबसे सस्ता और आसान उपाय है. सरसों का तेल पाचन प्रक्रिया  को तेज और संतुलित बनाता है, जिससे गाय-भैंस को पेट संबंधी बीमारियां नहीं लगतीं. इसका सीधा असर दूध की गुणवत्ता और मात्रा दोनों पर पड़ता है. अक्सर देखा जाता है कि बीमारी या मौसम के असर से पशु की भूख कम हो जाती है. ऐसे समय में सरसों का तेल न सिर्फ पेट को आराम देता है बल्कि भूख भी बढ़ाता है. जब पशु मन से चारा खाता है, तभी उसकी ताकत और दूध उत्पादन दोनों अच्छे बने रहते हैं.

हर मौसम में इसका असर थोड़ा अलग

गर्मी में:- शरीर को लू और तेज गर्मी से बचाता है.
सर्दियों में:- ठंड से बचाव और शरीर में गर्माहट बनाए रखता है.
मानसून में:- संक्रमण, खांसी-बुखार और जुकाम जैसी समस्याओं से बचाता है.
थकान में:- शरीर की थकावट हटाकर ऊर्जा लौटाता है.

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