राज्य कृषि समाचार (State News)

बिहार में मशरूम उत्पादन को मिलेगा बढ़ावा, सरकार देगी 90% तक अनुदान

14 अगस्त 2025, भोपाल: बिहार में मशरूम उत्पादन को मिलेगा बढ़ावा, सरकार देगी 90% तक अनुदान – बिहार के ग्रामीण इलाकों में मशरूम उत्पादन गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों के लिए आय का एक बेहतर साधन बनता जा रहा है। वर्तमान में बड़ी संख्या में ग्रामीण परिवार इस कार्य से जुड़े हुए हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार मशरूम उत्पादन, प्रसंस्करण और विपणन को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं चला रही है।

इसी कड़ी में, वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए बिहार सरकार ने ‘मशरूम अवयव योजना’ के तहत ₹1396.75 लाख की स्वीकृति प्रदान की है। योजना का उद्देश्य लघु एवं सीमांत किसानों, महिला स्वयं सहायता समूहों और युवा उद्यमियों को आर्थिक सहायता देकर उन्हें स्वरोज़गार और उद्यमिता से जोड़ना है।

उत्पादन और ढांचा निर्माण पर आर्थिक सहायता

उपमुख्यमंत्री सह कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बताया कि योजना के तहत किसानों को मशरूम उत्पादन और अवसंरचना निर्माण में वित्तीय मदद दी जाएगी। इससे बेरोज़गार युवाओं और महिलाओं को स्वरोज़गार मिलेगा और बाजार की बढ़ती मांग के अनुसार मशरूम उत्पादन सुनिश्चित किया जा सकेगा।

Advertisements
Advertisement
Advertisement

योजना में अनुदान की दरें

योजना के तहत पैडी/ऑयस्टर मशरूम किट की लागत ₹75 है, जिस पर 90 प्रतिशत यानी ₹67.50 का अनुदान दिया जाएगा। बटन मशरूम किट की लागत ₹90 है, जिस पर 90 प्रतिशत यानी ₹81 का अनुदान मिलेगा। बाल्टी में मशरूम उत्पादन के लिए प्रति यूनिट लागत ₹300 निर्धारित है, जिस पर 90 प्रतिशत यानी ₹270 का अनुदान दिया जाएगा। 

Advertisement
Advertisement

वहीं, मशरूम हट निर्माण के लिए प्रति यूनिट लागत ₹1,79,500 है, जिस पर 50 प्रतिशत यानी ₹89,750 का अनुदान प्रदान किया जाएगा। पैडी/ऑयस्टर और बटन मशरूम के लिए प्रति किसान न्यूनतम 25 और अधिकतम 100 किट, जबकि बाल्टी मशरूम के लिए न्यूनतम 2 और अधिकतम 10 किट की सीमा तय की गई है। मशरूम हट निर्माण का लाभ प्रत्येक किसान को अधिकतम एक इकाई तक मिलेगा।

Advertisement
Advertisement

प्रशिक्षण और तकनीकी सहयोग

कृषि मंत्री ने बताया कि योजना के तहत सभी 38 जिलों में किसानों को मशरूम उत्पादन की तकनीक सिखाने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। 1500 वर्ग फीट क्षेत्रफल आधारित तकनीकी मॉडल को स्वीकृति दी गई है, जिसमें झोपड़ी निर्माण, भूसे की उपलब्धता, स्पॉन, पॉलीथिन बैग, उपकरण और मिट्टी की व्यवस्था शामिल होगी।

(नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़,  टेलीग्रामव्हाट्सएप्प)

(कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें)

कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

www.krishakjagat.org/kj_epaper/

कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

www.global-agriculture.com

Advertisement
Advertisement
Advertisements
Advertisement
Advertisement