प्रदेश की ऊर्जा उत्पादन का 30 प्रतिशत से अधिक हिस्सा हरित ऊर्जा स्रोतों से प्राप्त
18 नवंबर 2025, भोपाल: प्रदेश की ऊर्जा उत्पादन का 30 प्रतिशत से अधिक हिस्सा हरित ऊर्जा स्रोतों से प्राप्त – वर्तमान में मध्यप्रदेश की कुल ऊर्जा उत्पादन का 30 प्रतिशत से अधिक हिस्सा हरित ऊर्जा स्रोतों से प्राप्त हो रहा है। यह अभूतपूर्व उपलब्धि राज्य की ऊर्जा नीति, तकनीकी नवाचारों और निवेशक-हितैषी दृष्टिकोण का परिणाम है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कुशल मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश स्वच्छ और हरित ऊर्जा के क्षेत्र में एक अग्रणी राज्य के रूप में उभर रहा है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने देश के लिए वर्ष 2030 तक 500 गीगावाट अक्षय ऊर्जा उत्पादन और वर्ष 2070 तक ‘नेट ज़ीरो कार्बन फुटप्रिंट’ का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। मध्यप्रदेश इस राष्ट्रीय संकल्प को साकार करने में पूर्ण समर्पण और प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ रहा है। प्रदेश ने बीते 12 वर्षों में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में 19 गुना वृद्धि की है।
हरित ऊर्जा के नए केंद्र है रीवा और ओंकारेश्वर
रीवा सोलर पार्क ने देश में स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में नये मानदंड स्थापित किये हैं। यह देश के सबसे बड़े सौर ऊर्जा पार्कों में से एक है और यहाँ से दिल्ली मेट्रो को भी बिजली आपूर्ति की जा रही है। इसी क्रम में ओंकारेश्वर में देश का सबसे बड़ा फ्लोटिंग सोलर प्लांट (278 मेगावाट) स्थापित किया गया है। इससे जलाशयों के उपयोग से स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को नई दिशा मिली है। हाल ही में मुरैना में स्थापित ‘सोलर प्लस बैटरी स्टोरेज’ परियोजना ने एक नया इतिहास रचा है। यहाँ केवल ₹2.70 प्रति यूनिट की दर से 24 घंटे हरित ऊर्जा उपलब्ध होगी। यह परियोजना भारत में ‘राउंड-द-क्लॉक ग्रीन पॉवर सप्लाई’ की दिशा में पहला बड़ा कदम है, जो कोयला आधारित संयंत्रों के समतुल्य ‘पीक-ऑवर्स’ में बिजली आपूर्ति करने में सक्षम है।
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