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राज्य कृषि समाचार (State News)

मॉनसून अपडेट: मध्य प्रदेश में 13 से 17 अगस्त 2025 के बीच भारी बारिश के आसार

11 अगस्त 2025, भोपाल: मॉनसून अपडेट: मध्य प्रदेश में 13 से 17 अगस्त 2025 के बीच भारी बारिश के आसार – भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने मध्य प्रदेश में आगामी सप्ताह में मॉनसून की बारिश में तेज़ी आने की चेतावनी दी है। 13 से 17 अगस्त के बीच राज्य के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। यह बारिश मॉनसून ट्रफ की स्थिति और बंगाल की खाड़ी में बनने वाले निम्न दबाव क्षेत्र के कारण होगी।

पूर्वी मध्य प्रदेश में निरंतर बारिश

पूर्वी मध्य प्रदेश के जिलों में 11 से 17 अगस्त तक लगातार भारी बारिश होने की उम्मीद है। दमोह जिले के पाठरिया क्षेत्र में पिछले 24 घंटों में 10 सेंटीमीटर बारिश दर्ज हुई है, छतरपुर जिले के खजुराहो में 8 सेंटीमीटर और दमोह के बटियागढ़ में 7 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई है। इस दौरान किसानों को फसल की देखभाल करते हुए खेतों में जलभराव से बचाव के उपाय करने की सलाह दी जाती है।

पश्चिमी मध्य प्रदेश में भारी से अत्यंत भारी बारिश

पश्चिमी मध्य प्रदेश के जिलों में 11 अगस्त को और फिर 14 से 17 अगस्त के बीच भारी बारिश की संभावना है। रायसेन जिले के गोहरगंज क्षेत्र में पिछले 24 घंटों में 8 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई है। 17 अगस्त को कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश हो सकती है, जिससे जलभराव और बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है। स्थानीय प्रशासन को इस दौरान सतर्कता बरतनी होगी।

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प्रभावित जिलों का सारांश

  • पूर्वी मध्य प्रदेश: दमोह (पाठरिया, बटियागढ़), छतरपुर (खजुराहो)
  • पश्चिमी मध्य प्रदेश: रायसेन (गोहरगंज)

इन जिलों के अलावा पूरे पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश में बारिश का प्रभाव महसूस किया जाएगा।

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मौसम की मुख्य प्रणाली और प्रभाव

मौसम विभाग के अनुसार, मॉनसून ट्रफ का पश्चिमी सिरा हिमालय की तलहटी के पास सामान्य से उत्तर में स्थित है। उत्तर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सक्रिय ऊपरी हवा का चक्रवात और बंगाल की खाड़ी में 13 अगस्त के आस-पास बनने वाला निम्न दबाव क्षेत्र, मध्य प्रदेश में बारिश बढ़ाने का मुख्य कारण हैं। ये प्रणाली अगले कुछ दिनों तक सक्रिय रहने की संभावना है।

सावधानियां और सुझाव

भारी बारिश के कारण जलभराव और बाढ़ की स्थिति बन सकती है। किसानों को अपने खेतों की देखभाल करते हुए फसलों की स्थिति पर ध्यान देना चाहिए। शहरी क्षेत्रों में जल निकासी के उचित इंतजाम किए जाएं ताकि जलजमाव से राहत मिल सके। स्थानीय प्रशासन और आम जनता को मौसम विभाग के निर्देशों का पालन करते हुए सतर्क रहना जरूरी है।

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