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राज्य कृषि समाचार (State News)

मध्य प्रदेश: सीहोर जिले के शरबती गेहूं को मिला है जीआई टैग

13 मार्च 2026, भोपाल: मध्य प्रदेश: सीहोर जिले के शरबती गेहूं को मिला है जीआई टैग – मध्यप्रदेश शासन की महत्वपूर्ण योजना ‘एक जिला-एक उत्पाद’ के तहत किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसी के तहत सीहोर का शरबती गेहूं को जीआई टैग मिला है। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट भोपाल में आयोजित ‘एक जिला-एक उत्पाद’ (ओडीओपी) एक्सपो ने स्थानीय कारीगरों और किसानों के उत्पादों को वैश्विक मंच प्रदान किया। जीआईएस-भोपाल में 38 जिलों के विशिष्ट ओडीओपी उत्पादों का प्रदर्शन किया गया, जिसमें परंपरा और नवाचार का अनूठा संगम देखने को मिला।

ओडीओपी कार्यक्रम से लोकल प्रोडक्ट्स को ग्लोबल ब्रांड बनाने का मार्ग प्रशस्त हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जीआईएस-भोपाल में ओडीओपी-एक्सपो से हमारे स्थानीय उत्पादों, विशेष रूप से हस्तशिल्प और कृषि उत्पादों को वैश्विक मंच पर पहचान बनाने का अवसर मिला है।

राज्य के इन उत्पादों को मिला है जीआई टैग

 राज्य शासन की महत्वपूर्ण योजना एक जिला-एक उत्पाद’ के तहत किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसी के तहत सीहोर का शरबती गेहूं को जीआई टैग मिला है। इसी के साथ बाग प्रिंट, बालाघाट का चिन्नौर चावल, दतिया और टीकमगढ़ बेल धातु का कार्य, चंदेरी साड़ी, गोंड पेन्टिंग, ग्वालियर के हैन्डमेड कारपेट, जबलपुर का पत्थर शिल्प, झाबुआ का कड़कनाथ, इंदौर के चमड़े के खिलौने, माहेश्वरी की साड़ी, मुरैना की गजक, रतलामी सेव, रीवा का सुन्दरजा, उज्जैन का बटिक प्रिंट, सीहोर का शरबती गेहूँ, वारासिवनी की हेण्डलूम साड़ी, डिण्डोरी के मेटल वर्क को जीआई टैग मिला है।

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 जीआईएस, भोपाल में ओडीओपी-एक्सपो ने यह साबित कर दिया कि मध्यप्रदेश के पारंपरिक उत्पादों में वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा करने की क्षमता है। यह आयोजन स्थानीय उत्पादों को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

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