मध्य प्रदेश : बालाघाट में किसान संगोष्ठी एवं पशु स्वास्थ्य शिविर का आयोजन

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17 सितम्बर 2022, बालाघाट: मध्य प्रदेश : बालाघाट में किसान संगोष्ठी एवं पशु स्वास्थ्य शिविर का आयोजनगत दिवस राणा हनुमान सिंह जी की जयंती के अवसर पर कृषि विज्ञान केन्द्र बालाघाट में किसान संगोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सम्राट सरस्वार द्वारा की गई एवं मुख्य अतिथि पूर्व विधायक बालाघाट श्री अशोक सिंह सरस्वार द्वारा की गई कार्यक्रम में जनपद पंचायत के अध्यक्ष श्री कल्याण सिंह राणा, सभापति कृषि समिति जिला पंचायत बालाघाट श्री रामेश्वर पटेल, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती चेतना अजय कुर्राहे, श्रीमती मीरा सिंगनधूपे, श्रीमति रूकमणी माहुले, जिला पंचायत बालाघाट के अन्य सदस्य एवं जनपद पंचायत के सदस्यों एवं आसपास की 15 से 20 पंचायतों के सरपंचों एवं जिले से आए हुए 200 से अधिक किसानों की उपस्थिति में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में उपसंचालक कृषि श्री राजेश खोबराढ़े, सहायक संचालक उद्यानिकी श्री सी.बी. देशमुख, उपसंचालक पशुपालन विभाग डॉ. प्रदीप अतुलकर ने कृषकों केा विभागीय योजनाओं एवं कृषि लागत कम करने एवं उत्पादन बढ़ाने की तकनीकों की जानकारी प्रदान की।

केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. आर.एल. राऊत ने कृषकों को कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त की तकनीकी अपनाने हेतु प्रेरित किया साथ ही प्राकृतिक खेती के लाभ बताये तथा जीवामृत, घनजीवामृत, बीजामृत, दशपर्णी, नीमास्त्र आदि बनाने की विधि किसानों को बतायी। केन्द्र द्वारा मखाना उत्पादन द्वारा किये जा रहें प्रयासों की जानकारी प्रदान की एवं आदिवासी अंचलों में उगायी जाने वाली फसल काटवल (ककोड़ा/खेकसी) के उत्पादन की तकनीक पर केन्द्र द्वारा किये जा रहें कार्यों की जानकारी दी। डॉ. राऊत ने उपस्थित कृषकों को सलाह दी कि गर्मी की धान के स्थान पर रबी में गेहूं, चना, अलसी आदि की खेती तथा गर्मी में मूंग-उड़द की खेती करें जिससे फसल चक्र के साथ-साथ रोग एवं कीट का प्रकोप कम होगा तथा भूमि की उर्वराशक्ति बनी रहेगी। डॉ. एस.आर. धुवारे ने दलहनी फसलों विशेषकर अरहर, चना एवं धान की उत्पादन तकनीक की जानकारी दी। डॉ. रमेश अमूले ने फसलांे में रोग एवं कीट-व्याधि प्रबंधन की जानकारी किसानों को दी एवं मशरूम उत्पादन के बारे में जानकारी प्रदान की। डॉ. धर्मेन्द्र आगाशे ने मौसम आधारित जानकारी एवं आकाशीय बिजली से बचने के तरीकों के बारे में बताया। केन्द्र द्वारा पशुपालन के सहयोग से पशु टीकाकरण का कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमें भैंस वंशीय पशु को गलघोंटू, गाय को एक टंगीया बिमारी तथा बकरियों को इन्टेरोंट्रॉक्सिनिया का टीका लगाया गया, जिसमें जिला पशुपालन अधिकारी डॉ. अतुलकर एवं पशु चिकित्सा अधिकारी किरनापुर डॉ. मिनेश मेश्राम तथा श्री अजय पांचे, का सराहनीय सहयोग मिला। कार्यक्रम का संचालन डॉ. एस.आर. धुवारे तथा आभार डॉ. रमेश अमूले ने माना। कार्यक्रम में केन्द्र के श्री जितेन्द्र नगपुरे एवं श्रीमति अन्नपूर्णा शर्मा का सराहनीय योगदान रहा।

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