राज्य कृषि समाचार (State News)पशुपालन (Animal Husbandry)

मध्यप्रदेश :पशुपालन से बढ़ेगी किसानों की आमदनी! जानें कैसे मिलेगा 50% अनुदान और कौन-सी योजनाएं हैं फायदेमंद

11 दिसंबर 2024, भोपाल: मध्यप्रदेश :पशुपालन से बढ़ेगी किसानों की आमदनी! जानें कैसे मिलेगा 50% अनुदान और कौन-सी योजनाएं हैं फायदेमंद – किसानों की आय बढ़ाने के लिए मध्यप्रदेश सरकार ने पशुपालन गतिविधियों पर जोर देना शुरू कर दिया है। पशुपालन एवं डेयरी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) लखन पटेल ने कहा है कि पशुपालन की गतिविधियां किसानों की आय दोगुनी करने में अहम भूमिका निभा रही हैं। इसके तहत किसानों को कुक्कुट पालन, बकरी पालन, शूकर पालन और चरी/चारा उत्पादन जैसे कार्यों में 50% तक अनुदान दिया जा रहा है।

राज्य के पशुपालन विभाग द्वारा की गई समीक्षा बैठक में यह भी तय किया गया कि मुख्यमंत्री पशुपालन विकास योजना और राष्ट्रीय पशुधन मिशन के तहत किसानों को अधिक से अधिक योजनाओं का लाभ दिया जाएगा। बैठक में प्रमुख सचिव पशुपालन उमाकांत उमराव, संचालक पशुपालन और सभी संभागों के संयुक्त संचालक मौजूद थे।

चलित पशु चिकित्सा वाहन योजना बनी हिट

पशुपालकों को तुरंत चिकित्सा सुविधा देने के लिए शुरू की गई चलित पशु चिकित्सा वाहन योजना को किसानों ने हाथों-हाथ लिया है। इस योजना के तहत प्रति 1 लाख पशुओं पर एक चिकित्सा वाहन तैनात किया गया है, जो कॉल सेंटर नंबर 1962 पर कॉल करने पर पशुओं के इलाज के लिए गांव पहुंचता है। इस समय प्रदेश में 406 लाख पशुओं के लिए यह सेवा दी जा रही है। मंत्री पटेल ने निर्देश दिया कि इन चिकित्सा वाहनों का समुचित रख-रखाव किया जाए ताकि पशुपालकों को सुविधा में कोई दिक्कत न हो।

चरी/चारा उत्पादन से किसानों को मुनाफा

पशुओं के लिए पोषणयुक्त आहार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से किसानों को चरी और चारा उत्पादन की ओर प्रेरित किया जा रहा है। मंत्री पटेल ने बताया कि मक्के की चारी और नेपियर घास से तैयार किया जाने वाला साइलेज भूसे की तुलना में अधिक पौष्टिक होता है। साइलेज के उपयोग से दूध उत्पादन में वृद्धि होती है और इसकी लागत भी कम होती है। इस योजना के तहत किसानों को 50% अनुदान दिया जा रहा है, जिससे वे कम लागत में अधिक मुनाफा कमा सकते हैं।

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कुक्कुट और बकरी पालन पर मिलेगा 50% अनुदान

राष्ट्रीय पशुधन मिशन के तहत किसानों को कुक्कुट पालन, बकरी पालन और शूकर पालन के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। मंत्री ने बताया कि इस योजना में स्व-सहायता समूहों को भी जोड़ा जाएगा। वर्तमान में एक यूनिट में 40 कुक्कुट दिए जाते हैं, जिसे बढ़ाकर 100 कुक्कुट करने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। कड़कनाथ मुर्गे की बाजार में अधिक मांग को देखते हुए किसानों को इसे पालने के लिए प्रेरित किया जा रहा है, ताकि उन्हें अच्छा मुनाफा मिल सके।

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गौशालाओं में बेहतर सुविधाएं और गोबर गैस प्लांट का प्लान

गौशालाओं के संचालन और वहां की व्यवस्था को लेकर भी बैठक में चर्चा हुई। निर्देश दिए गए कि गौशालाओं में पशुओं के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं। बड़ी गौशालाओं में गोबर गैस संयंत्र लगाने का भी प्रस्ताव है, ताकि इसका लाभ उठाया जा सके। बैठक में कहा गया कि पालतू और आवारा घूमने वाले पशुओं की पहचान के लिए उनके टैग अलग-अलग रंग के हों।

पशु बीमा पर खास जोरकिसानों को दिलाई जाएगी दावा राशि

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि लंबित पशु बीमा के मामलों का तेजी से निराकरण किया जाएगा। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि बीमा कंपनियों से लगातार संपर्क बनाए रखें और किसानों के दावों का निपटारा करें। यदि बीमा कंपनी किसानों के दावों को बेवजह रोकती है, तो उपभोक्ता फोरम में मामला दर्ज कराया जाएगा। सभी किसानों को उनकी दावा राशि दिलाने की जिम्मेदारी विभाग ने उठाई है।

कैसे मिलेगा किसानों को 50% अनुदान?

  • चरी/चारा उत्पादन: 50% अनुदान पर किसान चारा उत्पादन कर सकते हैं, जिसमें मक्का और नेपियर घास का उपयोग किया जाता है।
  • कुक्कुट पालन: स्व-सहायता समूहों को 40 से 100 कुक्कुट तक की यूनिट दी जा सकती है, जिसमें 50% अनुदान मिलेगा।
  • बकरी और शूकर पालन: बकरी और शूकर पालन के लिए भी राष्ट्रीय पशुधन मिशन के तहत अनुदान दिया जा रहा है।
  • पशु बीमा: पशुपालकों को बीमा का लाभ दिया जाएगा और किसानों के बीमा दावों का निराकरण जल्द कराने का निर्देश दिया गया है।

किसान ऐसे ले सकते हैं योजनाओं का लाभ

पशुपालन विभाग द्वारा चलाई जा रही इन योजनाओं का लाभ लेने के लिए किसान नजदीकी पशु चिकित्सा केंद्र या संबंधित विभाग से संपर्क कर सकते हैं। चलित पशु चिकित्सा वाहन सेवा के लिए किसान 1962 पर कॉल कर सकते हैं। पशु बीमा, कुक्कुट पालन, साइलेज उत्पादन और चारा उत्पादन की जानकारी भी विभागीय अधिकारियों से ली जा सकती है।

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