म. प्र. में अब एक हजार और 30 टन क्षमता के भी कोल्ड स्टोरेज

व्हाट्सएप या फेसबुक पर शेयर करने के लिए नीचे क्लिक करें

05 दिसम्बर 2020, भोपाल। म. प्र. में अब एक हजार और 30 टन क्षमता के भी कोल्ड स्टोरेज उद्यानिकी, खाद्य प्रसंस्करण (स्वतंत्र प्रभार) एवं नर्मदा घाटी राज्य मंत्री श्री भारत सिंह कुशवाह ने कहा है कि बड़ी मंडियों के पास 5000 मीट्रिक टन क्षमता के कोल्ड स्टोरेज के साथ-साथ अब विकासखंड स्तर पर छोटी मंडियों के पास एक हजार मीट्रिक टन क्षमता और किसानों के खेतों पर कृषक उत्पादक समूह के दृष्टिगत 30 मीट्रिक टन क्षमता के कोल्ड स्टोरेज बनाने की दिशा में काम होगा। कोल्ड स्टोरेज निर्माण के विकेंद्रीकरण का यह निर्णय मंत्रालय में आयोजित विभागीय समीक्षा बैठक में लिया गया।

राज्य मंत्री श्री कुशवाह ने बताया कि आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश अंतर्गत उद्यानिकी विभाग के रोडमैप में कोल्ड स्टोरेजों के विकेंद्रीकरण की योजना को शामिल किया गया है। उन्होंने बताया कि साग-सब्जी और फल-फूल उत्पादक किसानों को उनके उत्पादों का सही-सही मूल्य मिले, इसके लिए जरूरी है कि वह अपनी मर्जी के मुताबिक जहां पर, जिस मंडी में और जिस समय अपने उत्पाद को अधिक मूल्य पर बेचना उचित समझें, तब बेच सके और तब तक रखने के लिए उनके पास कोल्ड स्टोरेज की सुविधा उपलब्ध हो। इसको ध्यान में रखते हुए केवल 5000 हजार मीट्रिक टन क्षमता के ही नहीं, बल्कि विकास खंड स्तर पर 1000 मीट्रिक टन क्षमता वाले तथा कृषक उत्पादक समूहों के दृष्टिगत किसान के खेत स्तर पर 30 मीट्रिक टन क्षमता के कोल्ड स्टोरेज बनाये जाने की व्यवस्था का निर्णय लिया गया है।

आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के अंतर्गत उद्यानिकी विभाग के रोडमैप में शामिल इस योजना के संबंध में राज्य मंत्री श्री कुशवाहा ने बताया कि इससे किसानों, खासकर छोटी जोत के उद्यानिकी फसलों के उत्पादन में लगे किसानों को प्रोत्साहन मिलेगा। कोल्ड स्टोरेज की सुविधा से किसानों को उनकी फसल को बेचने के लिए उपयुक्त अवसर मिलेगा और वह जिस मंडी में और जब बेचना चाहेंगे उन्हें उस मंडी में अपनी उपज बेचने की सुविधा उपलब्ध होगी। बैठक में प्रमुख सचिव उद्यानिकी श्रीमती कल्पना श्रीवास्तव भी मौजूद थीं।

महत्वपूर्ण खबर : प्रदेश में 01 अप्रैल 2021 से शुरू होगा नया सत्र

व्हाट्सएप या फेसबुक पर शेयर करने के लिए नीचे क्लिक करें
Advertisements

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

9 + 17 =

Open chat
1
आपको यह खबर अपने किसान मित्रों के साथ साझा करनी चाहिए। ऊपर दिए गए 'शेयर' बटन पर क्लिक करें।