बस ! एक रूपया दीजिये और ले जाइए बागवानी के लिए उन्नत किस्म के पौधे
09 जुलाई 2025, भोपाल: बस ! एक रूपया दीजिये और ले जाइए बागवानी के लिए उन्नत किस्म के पौधे – जी हां ! महज एक रूपया खर्च करने पर उन्नत किस्म के पौधे मिल रहे है। हालांकि ये पौधे किसानों के लिए ही ज्यादा उपयोगी हो सकते है क्योंकि छत्तीसगढ़ की सरकार अपने राज्य के किसानों को बागवानी के लिए प्रोत्साहित कर रही है। इस कारण ही सरकार ने मिनी प्लग टाइप सीडलिंग यूनिट की स्थापना की है। जहां से किसानों को बागवानी के लिए एक रुपए में ही उन्नत किस्म के पौधे दिए जा रहे है।
छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में दो मिनी प्लग टाइप सीडलिंग यूनिट की स्थापना की गई है। जिनमें से एक शासकीय उद्यान दतिमा में और दूसरी शासकीय उद्यान खोरमा में बनाई गई है। इन यूनिटों की मदद से किसानों को गुणवत्ता युक्त और स्वस्थ पौधे उपलब्ध कराए जा रहे हैं। दोनों यूनिटों की संयुक्त वार्षिक उत्पादन क्षमता 20 लाख पौधों की है। जहाँ करेला, टमाटर, बैंगन, गेंदा, मिर्च, फूलगोभी, पत्तागोभी, खीरा और तरबूज जैसी विभिन्न प्रकार की सब्जियां, मसाले और फूलों के पौधे तैयार किए जाते हैं। यूनिटों में तैयार किए गए पौधे कीट-व्याधि से मुक्त, स्वस्थ और उच्च गुणवत्ता वाले होते हैं, जिससे किसानों को बेहतर उत्पादन प्राप्त करने में मदद मिलती है। यदि किसान अपने बीज उपलब्ध कराते हैं, तो उन्हें मात्र 1.00 रुपये प्रति पौधा की दर से पौधे मिलते हैं, जबकि विभागीय बीज से तैयार पौधे 1.50 रुपये प्रति पौधा की दर से उपलब्ध कराए जाते हैं। किसानों की मांग पर, ये यूनिटें टमाटर और बैंगन के ग्राफ्टेड पौधे भी तैयार करती हैं, जो अधिक उपज देने में सहायक होते हैं। बीज से पौधे तैयार होने में सामान्यतः 25 से 30 दिन का समय लगता है, जिससे किसानों को समय पर रोपण के लिए उन्नत किस्म के पौधे मिल जाते हैं। यह सुविधा किसानों को पारंपरिक बीज बुवाई की समय लेने वाली और श्रमसाध्य प्रक्रिया से बचाती है, साथ ही उन्हें आधुनिक, तेज और विश्वसनीय विकल्प प्रदान करती है।
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