राज्य कृषि समाचार (State News)

जहां रेतीली मिट्टी, वहां अप्रैल माह में करें कपास की सामान्य बिजाई

11 अप्रैल 2026, भोपाल: जहां रेतीली मिट्टी, वहां अप्रैल माह में करें कपास की सामान्य बिजाई – कपास की सामान्य बिजाई अप्रैल में करनी चाहिए। राजस्थान, हरियाणा एवं गुजरात के कुछ जिले ऐसे हैं, जहां पर रेतीली मिट्टी वाली भूमि है। इन इलाकों में रेतीली मिट्टी व रेतीले टिब्बे बनने की संभावना रहती है। ऐसे में कृषि विशेषज्ञ बताते हैं कि इन क्षेत्रों में कपास की बिजाई अप्रैल माह के अंत तक हो जाना चाहिए।

कृषि विशेषज्ञ बताते है  कि  कपास से बढ़िया फुटाव के लिए पूरे खेत की तैयारी सही ढंग से करनी जरूरी है। पहली जुताई मिट्टी पलटने वाले हल से करनी चाहिए। इसके बाद आवश्यकतानुसार 3-4 जुताइयां करके खेत को अच्छी तरह तैयार कर लेना चाहिए। कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक के मुताबिक कपास की बिजाई के समय खेत में बत्तर का होना जरूरी है। इसके लिए खेत में अच्छा पलेवा करें। गीले बत्तर में 2 जुताइयां करके सुहागा लगाएं व खेत को एकसार कर लें। पौधों की सही संख्या के लिए बीज की सही मात्रा प्रयोग में लाएं।

हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बीआर काम्बोज ने बताया कि बीकानेरी नरमा जैसी उन्नत किस्में एचएस-6, एच-1098, एच-1117, एच-1226, एच-1098, एच-1236, एच-1300 व संकर किस्म एचएचएच 223 व एचएचएच 287 को अप्रैल माह में बोने की सिफारिश की जाती है।

हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बीआर काम्बोज ने यह भी बताया कि किसान साथी देसी कपास की बिजाई के लिए एचडी -107, एचडी-123, एचडी-324, एच डी-432 व संकर किस्म एएएच-1 बोएं। इसके अतिरिक्त केवल अनुमोदित की गई बीटी संकर किस्में ही लगाएं। कृषि वैज्ञानिकों के मुताबिक अमेरिकन कपास की उन्नत किस्म, यदि गेहूं काटने के बाद बोनी है तो बिजाई के समय खेत में 38 किलोग्राम यूरिया व 75 किलोग्राम सुपरफास्फेट प्रति एकड़ बो दें और रेतीली जमीन में 10 किलोग्राम जिंक सल्फेट बिजाई के समय अवश्य डालें। इतनी ही यूरिया खाद बाद में पौधों को छिद्दा करते समय डालें।

कृषि वैज्ञानिक बताते हैं कि किसान साथी पोटाश की कमी वाले खेतों में 20 किलोग्राम म्यूरेट ऑफ पोटाश बिजाई के समय अवश्य बिखेर दें। यदि कपास खाली पड़ी जमीन में बोनी है तो बिजाई के समय सुपरफास्फेट तथा पोटाश ही डालें। बाद में पौधे छिद्दा करते समय व फूल आते समय ऊपर बताई यूरिया की मात्रा दें।   वैज्ञानिकों के मुताबिक देसी कपास में 22 किलोग्राम प्रति एकड़ यूरिया खाद 45 दिन बाद डालें। 22 किलोग्राम प्रति एकड़ यूरिया खाद 75 दिन बाद डालें। हाइब्रिड कपास में बिजाई के समय 50 किलोग्राम यूरिया, 150 किलोग्राम सिंगल सुपर फास्फेट, 40 किलोग्राम म्यूरेट ऑफ पोटाश व 10 किलोग्राम जिंक सल्फेट ड्रिल करें। इसके बाद 50 किलोग्राम यूरिया बिजाई के 45 दिन बाद व 50 किलोग्राम यूरिया बिजाई के 75 दिन बाद डालें।

आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global Agriculture

Advertisements