खाद्य उद्योग क्षेत्र में रोजगार की असीम संभावनाएँ – डॉ. नरेन्द्र सिंह राठौड़

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15 जून 2021, उदयपुर । खाद्य उद्योग क्षेत्र में रोजगार की असीम संभावनाएँ – डॉ. नरेन्द्र सिंह राठौड़ –
महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के संघटक सामुदायिक एवं व्यवहारिक विज्ञान
महाविद्यालय, उदयपुर के खाद्य विज्ञान एवं पोषण विभाग द्वारा इण्डस्ट्री इन्टरफेस
कार्यक्रम के तहत ‘‘खाद्य उद्योग जगत में रोजगार के अवसर एवं संभावनाएँ विषय पर राष्ट्रीय
वेबिनार का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कुलपति डॉ नरेन्द्र सिंह राठौड़ ने अपने उद्बोधन में
कहा कि फल- सब्ज़ी एवं दूध व अन्न उत्पादन के क्षेत्र में देश का अग्रणी स्थान
है परन्तु इनके प्रसंकरण एवं मूल्य संवर्धन के क्षेत्र में हम काफी पीछे है।
अतः भारतीय फ़ूड सेक्टर में प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन के क्षेत्र में अपार
संभावनाएं है। उन्होंने विद्यार्थियों को सेकेण्ड्ररी एग्रीकल्चर में
प्रशिक्षित करने की आवश्यकता बताई जिससे कि अधिक उपज वाले फलों को नष्ट होने से
बचाया जा सके एवं उनसे नये उत्पाद बनाये जा सके। व्यवस्यायिक, खट्टे फलों के
संस्करण की आवश्यकता पर जोर दिया।

सुश्री रेणु संघवी डायरेक्टर एफटीआई फुड्स प्रोडक्ट्स इन्दौर ने अपने वक्तव्य
में कहा कि वर्तमान में कृषि उत्पादों के प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन हेतु
सरकार द्वारा कृषि के क्षेत्र में विभिन्न रोजगार, योजनाएं चलाई जा रही है।
उन्होंने विद्यार्थियों को खाद्य उद्योग जगत में नये परिवर्तन स्टार्टअप्स
,उच्च शिक्षा हेतु खाद्य शिक्षा से जुडे़ शिक्षण संस्थान आदि के बारे में
विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने खाद्य गुणवत्ता के क्षेत्र में रोजगार की अपार
संभावना बताई। इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों के लिए प्रश्न-उत्तर सत्र का भी
आयोजन किया गया तथा विषय विशेषज्ञों द्वारा विद्यार्थियों की जिज्ञासा का
समाधान किया गया। कार्यक्रम में 200 प्रतिभागियों ने भाग लिया।

महाविद्यालय की अधिष्ठाता डाॅ. मीनू श्रीवास्तव ने प्रारम्भ में अतिथियों का
स्वागत करते हुए कहा कि राष्ट्रीय संगोष्ठी का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियांे
को स्नातक एवं स्नाकोत्तर डिग्री पूर्ण करने के पश्चात खाद्य इण्डस्ट्री एवं
सरकारी संस्था में रोजगार के अवसर प्राप्त कर सकें। इसके लिए ख्याति प्राप्त
फ़ूड टेक्लोजिस्ट डॉ रेणु संघवी को विशेष रूप से इण्डस्ट्री एक्सपर्ट के रूप
में आंमत्रित किया गया जिन्होंने विगत 30 वर्षों में राष्ट्रीय एवं
अन्र्तराष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न पौष्टिक नवीन खाद्य उत्पाद बनाये जिनका
व्यवसायिक स्तर पर कृपोषण को दूर करने के लिए उत्पादन किया जा रहा है।
कार्यक्रम के समन्वयक डॉ अजय कुमार शर्मा, अधिष्ठाता सीटीएई डॉ शांति कुमार जी
शर्मा, निदेशक अनुसंधान एवं डॉ अरूणाभ जोशी नोडल अधिकारी (अकादमिक आईडीपी थे।

संघोष्ठी की आयोजन सचिव प्रो. रेणु मोगरा ने बताया कि खाद्य विज्ञान एवं
प्रसंस्करण के विद्यार्थियों के लिए सरकारी एंव गैरसरकारी स्तर पर रोजगार के
अनके अवसर उपलब्ध है आवश्यकता सिर्फ इनकी जानकारी एवं रूचि की है।

कार्यक्रम की सह आयोजन सचिव प्रो. धृति सोंलकी ने मुख्य वक्ता का परिचय दिया।
डॉ सरला लखावत ने कार्यक्रम की संक्षिप्त टिप्पणी की। तकनीकी सहायक डॉ विशाखा
शर्मा ने धन्यवाद ज्ञापित किया। श्रीमती पायल तलेसरा ने कार्यक्रम का संचालन
किया।

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