राज्य कृषि समाचार (State News)

सोयाबीन के दामों में ऐतिहासिक गिरावट, सोपा ने नेफेड की नीलामी रोकने की उठाई मांग

26 फ़रवरी 2025, इंदौर: सोयाबीन के दामों में ऐतिहासिक गिरावट, सोपा ने नेफेड की नीलामी रोकने की उठाई मांग –  देशभर के सोयाबीन किसान इन दिनों गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं, क्योंकि बाजार में सोयाबीन की कीमत न्यूनतम समर्थन मूल्य से काफी नीचे पहुंच गई हैं। सोयाबीन प्रोसेसर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (SOPA) ने इस गंभीर स्थिति पर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान का ध्यान आकर्षित करते हुए त्वरित हस्तक्षेप की मांग की है।

सोपा  के चेयरमेन डॉ डेविश जैन द्वारा भेजे गए पत्र में बताया गया है कि वर्तमान में सोयाबीन की कीमतें महज 3900 से 4100 रुपये प्रति क्विंटल पर सिमट गई हैं, जबकि सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य 4892 रुपये प्रति क्विंटल है। किसानों को इस भारी नुकसान से उबारने के लिए सोयाबीन प्रोसेसर्स एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया ने  सरकार से ठोस कदम उठाने की मांग की है।

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नेफेड की नीलामी से और  गिरेंगी कीमतें –  सोपा  ने पत्र में यह भी चेतावनी दी है कि भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ (NAFED) द्वारा खुले बाजार में स्टॉक की बिक्री करने की योजना से स्थिति और बिगड़ सकती है। डॉ जैन ने कृषि मंत्री को लिखे पत्र में आशंका व्यक्त किया है कि यदि नेफेड (NAFED) जल्दबाजी में सोयाबीन स्टॉक बेचता है, तो पहले से ही संकट में चल रही कीमतों में और गिरावट आ सकती है, जिससे किसानों की मुश्किलें बढ़ जाएंगी।

किसानों का मोहभंग, खरीफ सीजन में बदल सकते हैं फसल –  डॉ जैन ने पत्र में लिखा है कि बाजार में लगातार गिरती कीमतों से निराश कई किसानों ने अगली खरीफ फसल में सोयाबीन की जगह दूसरी फसलों की ओर रुख करने का मन बना लिया है। यह न केवल किसानों की आजीविका पर असर डालेगा, बल्कि देश के तेल उत्पादन और कृषि अर्थव्यवस्था को भी प्रभावित करेगा।

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सोपा  की मांग: 15 जुलाई तक न हो स्टॉक की बिक्री –  सोपा  ने सरकार से अनुरोध किया है कि NAFED और अन्य एजेंसियों द्वारा रखे गए सोयाबीन के स्टॉक को 15 जुलाई 2025 के बाद ही बेचा जाए, ताकि किसानों को अपनी फसल का सही दाम मिल सके और बाजार में स्थिरता बनी रहे।  

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