राज्य कृषि समाचार (State News)

इंदौर-पीथमपुर कॉरिडोर का भूमिपूजन, सीएम यादव बोले- किसान बने 650 करोड़ के प्लॉट के मालिक

07 मई 2026, इंदौर: इंदौर-पीथमपुर कॉरिडोर का भूमिपूजन, सीएम यादव बोले- किसान बने 650 करोड़ के प्लॉट के मालिक – मध्यप्रदेश के विकास ने 3 मई को नई गति पकड़ी जब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर के प्रथम चरण का भूमिपूजन किया। 2360 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली इस परियोजना का कार्यक्रम इंदौर के नैनोद गांव में आयोजित किया गया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में उद्योगों की संख्या बढ़ेगी, जिससे रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर खुलेंगे और युवा व किसान अधिक समृद्ध होंगे। कार्यक्रम में कॉरिडोर पर आधारित शॉर्ट फिल्म भी प्रदर्शित की गई।

भूमिपूजन कार्यक्रम में किसानों ने सरकार द्वारा भूमि अधिग्रहण पर 4 गुना मुआवजा देने के निर्णय का स्वागत किया। कई किसानों ने मुख्यमंत्री को हल भेंट किया और मुकुट पहनाकर सम्मान किया। साथ ही किसानों ने भूमि अधिग्रहण के लिए सहमति पत्र भी सौंपे। सरकार ने इस परियोजना के तहत किसानों को उनकी भूमि का 60 प्रतिशत विकसित भूखंड लौटाने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है, जिससे किसान विकास में सीधे भागीदार बन रहे हैं।

किसानों की भागीदारी और बड़ा लाभ

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सरकार किसानों की समृद्धि के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने बताया कि किसानों को विकास का साझेदार बनाना इस परियोजना की सबसे बड़ी विशेषता है। उन्होंने कहा कि इस योजना में किसानों को 650 करोड़ रुपये मूल्य के विकसित प्लॉट मिले हैं, जिससे कई किसान आर्थिक रूप से मजबूत हुए हैं और कुछ करोड़पति भी बने हैं।

विकास और उद्योगों को नई दिशा

सीएम ने कहा कि इंदौर-उज्जैन-धार-देवास-शाजापुर-रतलाम क्षेत्र मिलकर मेट्रोपॉलिटन सिटी के रूप में विकसित हो रहे हैं। यह 8 लेन सुपर एक्सप्रेस वे दिल्ली-मुंबई कॉरिडोर से जुड़ेगा, जिससे उद्योग, कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर को नई रफ्तार मिलेगी। इस कॉरिडोर से एग्री प्रोसेसिंग, ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल, इंजीनियरिंग और वेयरहाउसिंग सेक्टर को बड़ा लाभ मिलेगा।

रोजगार और निवेश को मिलेगा बढ़ावा

इस परियोजना से प्रदेश में लाखों युवाओं को रोजगार मिलने की संभावना है। सरकार के अनुसार, यह कॉरिडोर ग्रीन इंडस्ट्री, औद्योगिक निवेश और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देगा। अब तक प्रदेश में 48 औद्योगिक पार्क स्थापित किए जा चुके हैं और लगभग 9 लाख करोड़ रुपये का निवेश जमीन पर उतारा गया है। मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास में देश में दूसरे स्थान पर पहुंच चुका है।

किसानों के लिए ऐतिहासिक मॉडल

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह योजना देश की अनोखी परियोजनाओं में से एक है, जिसमें किसानों को उनकी जमीन का 60 प्रतिशत विकसित भूखंड लौटाया जा रहा है। उन्होंने इसे विकास में किसानों की भागीदारी का नया मॉडल बताया। सरकार का कहना है कि यह कॉरिडोर न केवल आर्थिक सशक्तिकरण का माध्यम बनेगा, बल्कि पूरे क्षेत्र के विकास का नया अध्याय भी लिखेगा।

सरकार का विजन

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार किसान, महिला, युवा और गरीब सभी वर्गों के विकास के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने दावा किया कि कृषि उत्पादन, गेहूं उपार्जन और सिंचाई क्षेत्र में पिछले वर्षों की तुलना में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। सरकार का लक्ष्य है कि विकास का लाभ सीधे जनता तक पहुंचे और प्रदेश तेजी से प्रगति की ओर बढ़े।

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