राज्य कृषि समाचार (State News)

खुशखबरी! ओडिशा सरकार ने धान के MSP में की बढ़ोतरी, अब 3169 रुपये क्विंटल होगी खरीदी

05 नवंबर 2025, भोपाल: खुशखबरी! ओडिशा सरकार ने धान के MSP में की बढ़ोतरी, अब 3169 रुपये क्विंटल होगी खरीदी – किसानों के लिए राहत की खबर है। ओडिशा सरकार ने खरीफ 2025-26 मार्केटिंग सीजन के लिए धान के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में बढ़ोतरी की घोषणा की है। नई दरों के अनुसार, सामान्य धान का MSP अब 3,169 रुपये प्रति क्विंटल और ग्रेड A धान का MSP 3,189 रुपये प्रति क्विंटल होगा। यह वृद्धि पिछले साल की तुलना में 69 रुपये प्रति क्विंटल अधिक है, जिससे किसानों को उनकी उपज का बेहतर मुआवजा मिलेगा।

सरकार ने बताया कि इस बढ़ोतरी का मुख्य उद्देश्य किसानों के हितों की रक्षा करना और उनकी उपज के लिए उचित मुआवजा सुनिश्चित करना है। ओडिशा सरकार ने केंद्र सरकार द्वारा तय की गई MSP के 2,369 रुपये प्रति क्विंटल के आधार पर स्थानीय किसानों की मदद के लिए 800 रुपये प्रति क्विंटल की इनपुट सब्सिडी भी जोड़ी है। इसका मतलब यह है कि किसानों को सिर्फ केंद्रीय MSP नहीं, बल्कि राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त लाभ भी मिलेगा, जिससे उनकी आय में स्थिरता आएगी।

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दो कैटेगरी के धानों की होगी खरीद

धान की किस्मों को उनके लंबाई-चौड़ाई अनुपात (L:B) के आधार पर दो श्रेणियों में बांटा गया है। जिन किस्मों का अनुपात 2.5 या उससे अधिक होगा, उन्हें ग्रेड A माना जाएगा, जबकि अनुपात 2.5 से कम वाले धान को सामान्य श्रेणी में रखा जाएगा। इस वर्गीकरण के जरिए यह सुनिश्चित किया गया है कि हर प्रकार के धान की गुणवत्ता के अनुसार सही मूल्य मिले।

खरीदी जाने वाली सभी धान की किस्मों को उच्च गुणवत्ता का होना अनिवार्य है। इसमें धान का सूखा, साफ और रंग व आकार में समान होना आवश्यक है। फफूंदी, कीड़े, दुर्गंध या किसी भी प्रकार के जहरीले तत्वों से मुक्त होना चाहिए। साथ ही, खराब, अंकुरित या कीड़े लगे अनाज की मात्रा 4 प्रतिशत से अधिक नहीं होनी चाहिए। ऑर्गेनिक और जहरीले बीज की सीमा भी नियत प्रतिशत के भीतर रखी गई है, जिसमें धतूरा के बीज 0.025 प्रतिशत से अधिक नहीं और अकरा (Vicia प्रजाति) के बीज 0.2 प्रतिशत से कम होने चाहिए। सैंपलिंग BIS (IS:14818-2000) मानकों के अनुसार की जाएगी, जिससे किसानों को उनके धान का सही मूल्य मिल सके।

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ओडिशा के खाद्य आपूर्ति और उपभोक्ता कल्याण विभाग ने कहा है कि यह फैसला किसानों की आय सुरक्षा और खेती में स्थिरता बढ़ाने के उद्देश्य से लिया गया है। विभाग ने यह भी सुनिश्चित किया है कि खरीफ सीजन 2025-26 के दौरान खरीदे गए सभी धान पर यह नई MSP दरें लागू हों। इससे राज्य के किसानों को आर्थिक राहत मिलेगी और उनकी मेहनत का पूरा मूल्य मिलेगा।

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