जंबूरी मैदान से सीएम यादव ने किया कृषक कल्याण वर्ष 2026 का शुभारंभ, किसानों के लिए ये बड़े ऐलान
12 जनवरी 2026, नई दिल्ली: जंबूरी मैदान से सीएम यादव ने किया कृषक कल्याण वर्ष 2026 का शुभारंभ, किसानों के लिए ये बड़े ऐलान – मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को राजधानी भोपाल के जंबूरी मैदान से प्रदेश के किसानों के लिए वर्ष 2026 को “कृषक कल्याण वर्ष” के रूप में मनाने की आधिकारिक घोषणा की। विशाल किसान सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2026 किसानों के लिए नई उम्मीदों और नए अवसरों का वर्ष होगा। उन्होंने कहा कि किसान हमारे अन्नदाता हैं और उनकी समृद्धि सुनिश्चित करना सरकार का सर्वोच्च लक्ष्य है।
खेती को बनाएंगे लाभ का व्यवसाय
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए हर जरूरी कदम उठाएगी। आधुनिक तकनीक, उन्नत बीज, सिंचाई, भंडारण और बेहतर बाजार व्यवस्था के माध्यम से खेती को लाभ का व्यवसाय बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि कृषि प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और इसके सशक्तिकरण में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।
ई-विकास पोर्टल का शुभारंभ
किसान सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री ने ई-विकास, वितरण एवं कृषि उर्वरक आपूर्ति समाधान प्रणाली (विकास पोर्टल) का शुभारंभ किया। इस पोर्टल से उर्वरकों की आपूर्ति, वितरण और निगरानी की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और प्रभावी होगी। इस अवसर पर कृषक कल्याण वर्ष 2026 के तहत किए जाने वाले प्रयासों पर आधारित एक लघु फिल्म का भी प्रदर्शन किया गया।
पूरा साल किसानों के कल्याण को समर्पित
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है जिसने पूरा साल किसानों के कल्याण के लिए समर्पित किया है। उन्होंने बताया कि सरकार खेतों से निकलने वाली पराली से भी किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में काम करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते वर्षों के प्रयासों से प्रदेश में खेती का रकबा ढाई लाख हेक्टेयर तक बढ़ा है, जो एक बड़ी उपलब्धि है।
सिंचाई परियोजनाओं से बढ़ेगा कृषि रकबा
मुख्यमंत्री ने बताया कि पीकेसी नदी लिंक परियोजना, केन-बेतवा नदी लिंक राष्ट्रीय परियोजना और ताप्ती ग्राउंड वाटर रिचार्ज मेगा परियोजना से प्रदेश के 25 जिलों में 16 लाख हेक्टेयर से अधिक अतिरिक्त कृषि क्षेत्र को सिंचाई सुविधा मिलेगी। इससे किसानों की उत्पादकता और आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
किसानों के हित में बड़े फैसले
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार ने किसानों के हित में जो कहा, वह करके दिखाया है। उन्होंने कई अहम घोषणाएं कीं—
1. डिंडोरी में राज्य श्री अन्न अनुसंधान केंद्र की स्थापना
2. ग्वालियर में सरसों और उज्जैन में चना अनुसंधान केंद्र की स्थापना
3. अगले तीन वर्षों में 30 लाख किसानों को सोलर पंप, हर साल 10 लाख किसानों को सोलर पंप देकर उन्हें ऊर्जा-दाता बनाया जाएगा
4. सिंचाई क्षेत्र को 65 लाख हेक्टेयर से बढ़ाकर 100 लाख हेक्टेयर करने का लक्ष्य
किसानों को लौटाएंगे उनका वैभव
मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषक कल्याण वर्ष के दौरान सरकार के 16 से अधिक विभाग आपसी समन्वय से किसानों के समग्र कल्याण के लिए काम करेंगे। सोयाबीन के बाद अब सरसों की फसल को भी भावांतर योजना में शामिल किया जाएगा। कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए सब्सिडी दी जाएगी और सभी मंडियों का आधुनिकीकरण किया जाएगा।
कृषि तंत्र को करेंगे मजबूत
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषि विभाग और राज्य कृषि विपणन बोर्ड में रिक्त पदों पर शीघ्र भर्ती की जाएगी। माइक्रो इरिगेशन सिस्टम का दायरा बढ़ाया जाएगा और फसल नुकसान का सर्वे आधुनिक तकनीक से कराया जाएगा, जिससे किसानों को मुआवजा समय पर मिल सके। शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण योजना भी जारी रहेगी।
किसानों को मिलेगा बेहतर मूल्य और नए अवसर
मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषक कल्याण वर्ष के दौरान कृषि आधारित उद्योगों, फूड प्रोसेसिंग यूनिट, स्टार्ट-अप और एग्री-इन्फ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा दिया जाएगा। प्रदेशभर में कृषि उत्सव और किसान मेले आयोजित कर किसानों को आधुनिक खेती की जानकारी दी जाएगी। प्राकृतिक और जैविक खेती को भी मिशन मोड में आगे बढ़ाया जाएगा।
अन्नदाता प्रदेश का गौरव
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि “अन्नदाता मध्यप्रदेश के माथे का तिलक हैं” और किसानों की मुस्कान ही प्रदेश की समृद्धि का आधार है। उन्होंने किसानों से नई तकनीक अपनाने और बदलते समय के साथ कदम मिलाने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि सरकार हर कदम पर किसानों के साथ खड़ी है और किसानों की सुख-समृद्धि में ही सरकार का सुख है।
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