स्वदेशी गौवंश आनुवंशिकी एवं जीनोमिक्स हेतु इंटीग्रेटेड सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का विधिवत उद्घाटन
27 फरवरी 2026, भोपाल: स्वदेशी गौवंश आनुवंशिकी एवं जीनोमिक्स हेतु इंटीग्रेटेड सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का विधिवत उद्घाटन – उत्तर प्रदेश में पशुधन और डेयरी क्षेत्र को नई दिशा देने के लिए सरकार द्वारा कदम उठाए जाते रहे है. उत्तर प्रदेश के पशुधन एवं डेयरी क्षेत्र को नई दिशा देने की दिशा में बरेली स्थित बी.एल. कामधेनु परिसर में स्वदेशी गौवंश आनुवंशिकी एवं जीनोमिक्स हेतु इंटीग्रेटेड सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का विधिवत उद्घाटन किया गया. केंद्र का उद्घाटन अरुण कुमार सक्सेना, मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन, उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा किया गया. कार्यक्रम में राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, वैज्ञानिक, पशुपालक, कृषि विशेषज्ञ तथा ब्राजील से आए उच्चस्तरीय आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल की उपस्थिति रही.
करीब 25 एकड़ क्षेत्र में विकसित यह एकीकृत परिसर स्वदेशी नस्लों के संरक्षण, संवर्धन और वैज्ञानिक उन्नयन के उद्देश्य से स्थापित किया गया है. केंद्र में उन्नत इन विट्रो फर्टिलाइजेशन–एम्ब्रियो ट्रांसफर (आईवीएफ–ईटी) प्रयोगशाला, आधुनिक पैथोलॉजी परीक्षण प्रयोगशाला तथा जीनोमिक विश्लेषण सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं. पैथोलॉजी प्रयोगशाला के माध्यम से पशुओं में रोगों की शीघ्र और सटीक पहचान सुनिश्चित की जाएगी, जिससे जैव-सुरक्षा मजबूत होगी और पशुधन की उत्पादकता में वृद्धि होगी. जीनोमिक प्रयोगशाला नस्ल सुधार, श्रेष्ठ पशुओं की पहचान तथा वैज्ञानिक, डेटा-आधारित प्रजनन प्रणाली को बढ़ावा देगी. वहीं आईवीएफ–ईटी तकनीक के माध्यम से उच्च गुणवत्ता वाली स्वदेशी नस्लों के नियंत्रित एवं तीव्र संवर्धन को गति मिलेगी. विशेषज्ञों के अनुसार, इन सभी व्यवस्थाओं का एकीकृत स्वरूप पशुधन विकास के लिए समग्र एवं दीर्घकालिक समाधान प्रस्तुत करता है. कार्यक्रम में ब्राज़ीलियन एसोसिएशन ऑफ ज़ेबू ब्रीडस के अध्यक्ष सहित एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने केंद्र का अवलोकन किया. प्रतिनिधिमंडल ने प्रयोगशालाओं, अनुसंधान अवसंरचना और पशुधन प्रबंधन प्रणाली का निरीक्षण करते हुए भारत–ब्राज़ील के बीच वैज्ञानिक सहयोग की संभावनाओं पर सकारात्मक चर्चा की. इस पहल को दोनों देशों के बीच पशु आनुवंशिकी और डेयरी विकास के क्षेत्र में बढ़ते सहयोग का प्रतीक माना जा रहा है.
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