राज्य कृषि समाचार (State News)उद्यानिकी (Horticulture)

उद्यानिकी में नवाचार करने वाले किसान होंगे सम्मानित: डॉ. यादव

इंदौर के आलू, जबलपुर की मटर को मिलेंगे जीआई टैग

मुख्यमंत्री ने की उद्यानिकी तथा खाद्य संस्करण विभाग की समीक्षा

08 अप्रैल 2025, भोपाल: उद्यानिकी में नवाचार करने वाले किसान होंगे सम्मानित: डॉ. यादव – मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में बागवानी फसलों की जिलेवार मैपिंग की जाए। विश्वविद्यालय सहित अन्य सरकारी विभागों की खाली जमीनों पर उद्यान विकसित करें और प्रदेश में पीपीपी मोड पर नर्सरीयां विकसित हों । प्रदेश के सभी जिलों में उद्यानिकी और खाद्य प्र-संस्करण पर वर्कशॉप और मेले लगा कर जिलों के किसानों और उद्यमियों को श्रेष्ठ कृषि कार्यमाला बताई जाए।

श्रेष्ठ किसान होंगे सम्मानित

मुख्यमंत्री ने जिलों में कृषि और उद्यानिकी के क्षेत्र में नवाचार करने तथा श्रेष्ठ बागवानी करने वाले किसानों का सम्मान करने के भी निर्देश दिए। साथ ही इन्वेस्टर्स समिट के समान प्रदेश में उद्यानिकी और खाद्य प्रसंस्करण पर समिट का आयोजन भी होगा । मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्यानिकी तथा खाद्य प्र-संस्करण विभाग की समीक्षा के दौरान यह निर्देश दिए। बैठक में मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाह, अपर मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा उपस्थित थे।

उद्यानिकी कॉन्क्लेव होगा

इसके साथ ही आगामी माह में नीमच, मंदसौर में औषधीय कृषि के लिए उद्यानिकी इंडस्ट्री कॉन्क्लेव होगा। प्रदेश में 22 लाख 72 हजार हैक्टेयर क्षेत्र में उद्यानिकी फसलें ली जा रही हैं। आगामी 5 वर्ष में 33 लाख 91 हजार हैक्टयर तक ले जाने का लक्ष्य है। रीवा के सुंदरजा आम और रतलाम के रियावन लहुसन को जीआई टैग मिल चुका है। वहीँ खरगोन की लाल मिर्च, जबलपुर के मटर, बुरहानपुर के केले, सिवनी के सीताफल, बरमान नरसिंहपुर के बैंगन, बैतूल के गजरिया आम, इंदौर के मालवी आलू, रतलाम की बालम ककड़ी, जबलपुर के सिंघाड़ा, धार की खुरासानी इमली और इंदौर के मालवी गराडू को जीआई टैग दिलाने की प्रकिया जारी है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि उद्यानिकी के साथ खाद्य प्र-संस्करण के क्षेत्र में अंन्तर्विभागीय समन्वय के साथ कार्य किया जाए। विभाग में विशेषज्ञों का प्रकोष्ठ बना कर खाद्य प्र-संस्करण क्षेत्र में रोजगार की संभावनाओं को प्रोत्साहित करें । प्रदेश के तीनों क्षेत्रों चंबल-मालवा और महाकौशल में उद्यानिकी की गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से क्षेत्र विशेष की आवश्यकता के अनुसार भी योजना बनाई जाए।

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किसानों को उनकी मेहनत का मूल्य मिले

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों को उनकी मेहनत और उपज का वाजिब मूल्य मिले, उन्हें यह भरोसा दिलाएं । बागवानी उपज के लिए उपयुक्त सुविधाजनक स्थलों पर स्टोरेज की व्यवस्था सुनिश्चित हो । साथ ही आस-पास की मंडियों में उपज के मूल्य की सही जानकारी किसानों को उपलब्ध होने की व्यवस्था बनाएं ।

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