किसान कल्याण की योजनाएँ प्राथमिकता पर – श्री चौहान

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विभिन्न वर्गों की पंचायतों का आयोजन पुन: आरंभ होगा

17 अगस्त 2021, भोपाल । किसान कल्याण की योजनाएँ प्राथमिकता पर – श्री चौहान – मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश के निर्माण के लिए हर नागरिक को अपना सर्वश्रेष्ठ देने का प्रयास करना होगा। प्रदेश के निर्माण के लिए जनता के साथ मिलकर निर्णय लेने के उद्देश्य से प्रदेश में जनभागीदारी मॉडल विकसित किया गया है। प्रदेश में विभिन्न वर्गों की पंचायतों का आयोजन पुन: आरंभ किया जाएगा। किसान के कल्याण की योजनाएँ प्राथमिकता पर है । आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश का निर्माण जनभागीदारी से किया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान भोपाल मे आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह के राज्यस्तरीय कार्यक्रम  को संबोधित कर रहे थे ।

किसानों का कल्याण

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना में वर्ष 2021-22 में प्रथम किस्त के रूप में 75 लाख किसानों को लगभग डेढ़ हजार करोड़ रुपये की राशि का वितरण किया गया है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में लगभग 81 लाख किसानों को अब तक लगभग 11 हजार करोड़ रुपए की राशि का वितरण किया जा चुका है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में लगभग 9 हजार करोड़ रुपए से अधिक की दावा राशि का 45 लाख 40 हजार से जयादा पात्र किसानों को भुगातान किया जा चुका है। वर्ष 2020-21 में प्राथमिक सहकारी साख समितियों के माध्यम से किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर लगभग 15 हजार करोड़ रुपए का फसल ऋण वितरित किया गया है। इस साल 17 लाख 94 हजार किसानों से लगभग 130 लाख मीट्रिक टन गेहूँ, चना एवं मसूर का उपार्जन कर लगभग 26 हजार करोड़ रुपए का उन्हें भुगतान किया गया है।

आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के निर्माण में प्रथम रहेंगे

मुख्यमंत्री ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के आत्म-निर्भर मध्यप्रदेश के संकल्प के अनुपालन में आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के निर्माण में हमारा प्रदेश देश में प्रथम रहेगा। प्रदेश के मस्तक पर जनभागीदारी की कुम-कुम और सुशासन के अक्षत से आत्म-निर्भरता का तिलक करें। हमें कदम मिलाकर चलना है।

अधोसंरचना विकास

श्री चौहान ने कहा है कि अधोसंरचना, विकास का आधार है। प्रदेश में वर्ष 2024- 25 तक सिंचाई क्षमता को 65 लाख हेक्टेयर तक ले जाने का लक्ष्य है। केन-बेतवा लिंक राष्ट्रीय परियोजना से मध्यप्रदेश को 8 लाख 11 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई, 41 लाख आबादी को पेयजल तथा 103 मेगावाट की विद्युत सुविधा प्राप्त हो सकेगी। प्रदेश में इस वर्ष 2 हजार किलोमीटर लम्बाई की सड़कों का निर्माण एवं उन्नयन, ढाई हजार किलोमीटर सड़कों का नवीनीकरण और 80 बड़े पुल एवं रेलवे ओवर ब्रिज का निर्माण किया जा रहा है। इन कार्यों पर 5 हजार 530 करोड़ रुपए खर्च किये जायेंगे।

बिजली पर 21 हजार करोड़ का अनुदान

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा है कि विद्युत के क्षेत्र में निरंतर आत्म-निर्भर बने रहने के लिए विद्युत उपलब्धता में इस साल 2 हजार 200 मेगावाट की वृद्धि की योजना है। खेती और घरेलू उपयोग के लिए राज्य सरकार द्वारा बिजली पर लगभग 21 हजार करोड़ रुपए की सबसिडी दी जा रही है ताकि हर गरीब को सस्ती दर पर बिजली मिल सके।

हर घर तक नल द्वारा पेयजल

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री ने हर गाँव में घर-घर तक  पीने का शुद्ध जल पहुँचाने के लिए जल जीवन मिशन प्रारंभ किया। इस मिशन के तहत हमने वर्ष 2023 तक प्रदेश के कुल एक करोड़ 22 लाख ग्रामीण परिवारों के हर घर में नल से जल पहुंचाने का संकल्प लिया है।

स्वामित्व योजना

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश के 30 जिलों में आबादी सर्वे का कार्य प्रचलित है। ग्रामीण क्षेत्रों में जिस भूमि पर मकान बने हैं, उस पर स्वामित्व सम्बंधित लोगों को दिया जा रहा है। एक हजार 826 गाँवों के गरीब पौने तीन लाख से ज्यादा हितग्राहियों के अधिकार अभिलेख तैयार हो गए हैं।

पूंजी निवेश में वृद्धि

श्री चौहान ने कहा कि सकारात्मक निवेश वातावरण के कारण प्रदेश में पूँजी निवेश में वृद्धि हुई है। व्यापार को सरल बनाने की दिशा में हम तेजी से कार्य कर रहे हैं। एक जिला- एक उत्पाद योजना के तहत सभी जिलों के 64 विशिष्ट उत्पादों का चयन कर लिया गया है। लोकल को वोकल बनाने की दिशा में यह एक सार्थक कदम है।

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के 1 करोड़ 15 लाख पात्र परिवारों के लगभग 5 करोड़ हितग्राहियों को 25 हजार से अधिक राशन दुकानों से नि:शुल्क खाद्यान्न थैले में देने का शुभारंभ  प्रधानमंत्री द्वारा किया गया।

आपदा प्रबंधन

श्री चौहान ने कहा कि आपदा प्रबंधन के लिए मंत्रालय में अत्याधुनिक “कन्ट्रोल एण्ड कमाण्ड सेन्टर” स्थापित किया गया है, जहाँ से आपदा राहत एवं बचाव कार्य की प्रभावी एवं लाइव मॉनिटरिंग संभव हुई है। विगत दिनों ग्वालियर-चम्बल क्षेत्र के जिलों में अत्यधिक वर्षा से बाढ़ की स्थिति निर्मित हुई। आपदा में जिनके घर टूट गए हैं अथवा बह गए हैं, उनके नये मकान बनवाये जाएँगे। बाढ़ प्रभावित परिवारों को नि:शुल्क राशन के अतिरिक्त उनके सामान, अनाज, फसल एवं अन्य क्षतियों का आंकलन कर, उसके लिए पृथक से सहायता दी जा रही है।

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