किसानों से संतुलित मात्रा में उर्वरक का उपयोग करने की अपील
18 दिसंबर 2025, रतलाम: किसानों से संतुलित मात्रा में उर्वरक का उपयोग करने की अपील – किसान कल्याण, तथा कृषि विकास उप संचालक श्रीमती नीलम सिंह चौहान ने बताया कि जिले रबी फसलों की बोनी लगभग 3 लाख हेक्टेयर में हो चुकी है। इसमें मुख्यतः गेहूं चना अलसी मसूर एवं मटर फसल अच्छी स्थिति में है। मिट्टी परीक्षण के आधार पर खाद(उर्वरक) का संतुलित मात्रा में उपयोग करें विशेषकर यूरिया को दो बराबर हिस्सों में बांटकर पहली एवं दूसरी सिंचाई के साथ दे। बोनी के बाद 20-21 दिन के अंतराल पर किसान भाई सिंचाई करें। जरूरत से ज्यादा यूरिया का उपयोग नहीं करे। जहां संभव हो वहां पर स्प्रिंकलर पद्धति से सिंचाई करे।
पहली सिंचाई पूरे कल्ले निकलने पर दूसरी सिंचाई दाना बनने के समय इस प्रकार 20-20 दिन के अंतराल में सिंचाई करे। इससे गेहू की फसल से अच्छा उत्पादन प्राप्त होगा। वर्तमान में सरसों फसल में फूल व फली अवस्था में अच्छी स्थिति में खड़ी है। जो कि अच्छे उत्पादन का संकेत दे रही है। इस प्रकार गेहूं व चने की फसल भी अच्छी स्थिति में है।
किसान भाई अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए कीटनाशकों का प्रयोग करता है एवं यही कीटनाशक जहरीले तथा मूल्यवान होते हैं इसलिए कृषकों को इसके उपयोग की एवं उपयोग के बाद क्या-क्या सावधानी रखनी चाहिए इसकी जानकारी रखना अत्यंत आवश्यक है। कीटनाशकों के घातक प्रभाव से बचने के लिये आवश्यक होता है कि उन पर लिखे हुए निर्देशों का पालन सही तरीके से करें एवं किसी प्रकार की लापरवाही न बरतें । कीटनाशकों का प्रयोग तभी करना चाहिए जब कीट द्वारा आर्थिक नुकसान की क्षति निम्न स्तर की सीमा से अधिक हो गई हो।
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