राजस्थान में ड्रोन और जैविक खेती पर जोर, किसानों की आवाज बनेगा राज्य किसान आयोग: सीआर चौधरी
26 नवंबर 2025, जयपुर: राजस्थान में ड्रोन और जैविक खेती पर जोर, किसानों की आवाज बनेगा राज्य किसान आयोग: सीआर चौधरी – राजस्थान किसान आयोग के अध्यक्ष सीआर चौधरी ने मंगलवार को कोटा में किसानों के साथ संवाद किया। उन्होंने कहा कि राज्य किसान आयोग द्वारा किसानों की पीड़ा सुनने के लिए अलग-अलग जिलों में जाकर उनसे संवाद किया जा रहा है। विभिन्न जिलों में जाकर किसानों की बात सुनी जा रही हैं, उनकी समस्याएं लिखी जा रही हैं और वाजिब मांगों सरकार तक पहुंचाया जा रहा है।
अध्यक्ष चौधरी ने कहा कि आयोग सरकार और किसान भाईयों के बीच एक सेतु की तरह काम कर रहा है। कोटा जिले में संवाद के दौरान किसानों की ओर से काफी अच्छे सुझाव आए हैं और अपनी मांगे रखी गई हैं। इन्हें आयोग की ओर से राज्य सरकार और केन्द्र सरकार को भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि किसान अपने सुझाव लिखकर भी दें ताकि आयोग के माध्यम से सरकार के पास पहुंचाई जा सके।
उन्होंने किसानों को सुझाव दिया कि वे बेहिसाब उर्वरक एवं पेस्टिसाइड का उपयोग करने की बजाय जैविक खाद जैसे उपायों से अच्छी क्वालिटी का उत्पाद तैयार करें। उन्होंने कहा कि खाद्यान्न में पेस्टिसाइड का छोटा भी अंश मिलने पर विदेशों में एक्सपोर्ट करना संभव नहीं होता है। उन्होंने कहा कि जैविक खाद का उपयोग कर तैयार किए गए उत्पादों की खरीद के लिए सर्टिफाइड दुकानें तय की जाएंगी ताकि जैविक उत्पाद तैयार करने वाले किसानों को अच्छी कीमत मिल सके।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार ने पिछले 10 सालों में किसानों के हित कई कदम उठाए हैं। समर्थन मूल्य बढ़ाना, मिनी स्प्रिंकलर योजना, सॉइल हेल्थ कार्ड जैसी योजनाएं किसानों के लिए लाभकारी साबित हुई हैं।
फसल बीमा को लेकर किसानों द्वारा रखी गई समस्याओं पर उन्होंने कहा कि किसान आयोग का प्रयास रहेगा कि किसानों को फसल खराबे का उचित मुआवजा मिले। इसके लिए फसल खराबा सर्वे कार्य को और प्रभावी तरीके से किया जाएगा। संवाद के दौरान किसानों द्वारा महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए। सांगोद पंचायत समिति के कनवास निवासी महावीर मेरोठा ने प्रत्येक उपखंड स्तर पर सॉइल टेस्टिंग लेब की सुविधा उपलब्ध कराने, अनुदानित बीज बुआई से पहले उपलब्ध कराने, गौशालाओं में जैविक खाद इकाई स्थापित कर किसानों को कम खर्चे में जैविक खाद उपलब्ध कराने के सुझाव दिए। लाडपुरा तहसील के कसार निवासी कौशल किशोर प्रजापति ने संरक्षित खेती के माध्यम से उत्पादन बढ़ाने एवं आय दुगुनी करने के संबंध में जानकारी दी। ड्रोन दीदी के नाम से मशहूर दुर्गेश कुमारी ने फसलों पर छिड़काव के लिए ड्रोन के उपयोग से जुड़े सुझाव दिए। अधिकतर किसानों ने फसल बीमा योजना के तहत मुआवजे की प्रक्रिया को और आसान एवं किसानों के हित में करने की मांग रखी। इसके अलावा एमएसपी पर खरीद के लिए तुलाई समय पर शुरू करने का भी सुझाव रखा गया।
किसानों से संवाद करते हुए शहर जिला अध्यक्ष राकेश जैन ने कहा कि कोटा जिले में पानी और बिजली की कोई कमी नहीं है। संवाद के दौरान किसानों द्वारा रखी गई बातों को राज्य सरकार के संज्ञान में लाया जाएगा।
संवाद के दौरान संयुक्त निदेशक कृषि विस्तार अतीश कुमार शर्मा ने बताया कि कोटा जिला प्राकृतिक रूप से जल संपदा से परिपूर्ण है। यहां विभिन्न विभागों द्वारा टीम वर्क के रूप में कार्य कर किसानों की समस्याओं का प्राथमिकता से समाधान किया जा रहा है। जिले में खाद की पर्याप्त आपूर्ति की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। सॉइल टेस्टिंग की रिपोर्ट के आधार पर किसानों को अपने खेतों में लौह तत्व एवं जिंक तत्वों की कमी पूरी करने के लिए फोर्टिफाइड एसएसपी का उपयोग करने की सलाह दी जा रही है। उन्होंने बताया कि नवाचार के तहत अमोनियम सल्फेट का खाद उपयोग करने को प्रोत्साहित किया जा रहा है।
उन्होंने किसानों को सलाह दी कि वे फसलों के अवशेष जलाकर मित्र कीटों का नष्ट नहीं करें, फर्टिलाइजर का अधिक उपयोग नहीं करते हुए जैविक खेती के माध्यम से उत्पाद तैयार करें।
कार्यक्रम में संयुक्त निदेशक पशुपालन डॉ. गणेश दाधीच ने पशुपालकों के उत्थान के लिए राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राजस्थान देश में पहला राज्य है जहां पशुओं के इलाज के लिए टेली मेडिसिन की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इसके अलावा 1962 पर कॉल करके पशुओं का इलाज घर बैठे कराने के लिए मोबाईल पशु चिकित्सा वैन की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।
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