कृषि शिक्षा और अनुसंधान में क्षमता और प्रतिस्पर्धा जरूरी – डॉ. राठौड़

Share

29 अक्टूबर 2021, उदयपुर । कृषि शिक्षा और अनुसंधान मे क्षमता और प्रतिस्पर्धा जरूरी – डॉ. राठौड़  –  महात्मा फुले कृषि विद्यापीठ, राहुरी, अहमदनगर, महाराष्ट्र के 35 वें दीक्षांत समारोह में महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, उदयपुर के कुलपति डॉ. नरेंद्र सिंह राठौड़ ने मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। डॉ. राठौड़ ने इस अवसर पर दीक्षांत भाषण भी दिया । उन्होंने कृषि शिक्षा मे क्षमता और   प्रतिस्पर्धा मे विकास पर जोर देते हुए ट्री TREE शब्द का उल्लेख किया। इसमे टीचिंग मे आवश्यक सुधार और व्यावसायिकता , रिसर्च मे विकास, एक्स्टेंशन मे तकनीक का सही अंकलन, प्रदर्शन और क्षमता वर्धन तथा एंटरप्रीनूरशिप  मे  प्रभावी उन्नति  की बात कही। उन्होंने कृषि अनुसंधान को अग्रिम मोर्चे पर लाने के लिए बड़े ही प्रभावी तरीके से FAITH का सूत्र भी दिया जिसमे अकादमिक इंडस्ट्री लिंकेज, इनोवेशन, टेक्नोलॉजी एनाबल्ड मैन पॉवर और मानविकी व सामाजिक सरोकार को ध्यान मे रख कर कार्य करने की सलाह दी। 

उल्लेखनीय है कि महात्मा फुले कृषि विद्यापीठ के 35 वें दीक्षांत समारोह में महाराष्ट्र के माननीय राज्यपाल महोदय श्री भगत सिंह कोश्यारी ने समारोह की अध्यक्षता की एवं महात्मा फुले कृषि विद्यापीठ के प्रो वाइस चांसलर श्री दादाजी भुसे  कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि थे ।  महात्मा फुले कृषि विद्यापीठ के कुलसचिव श्री प्रमोद लाहले ने बताया कि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ पी. जी. पाटिल एवं प्रबंध मंडल एवं अकादमिक परिषद की उपस्थिति में पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं राज्यसभा सदस्य श्री शरद गोविंदराव पवार एवं श्री नितिन जयराम गडकरी माननीय केंद्रीय मंत्री सड़क परिवहन एवं राजमार्ग भारत सरकार को डॉक्टर ऑफ साइंस की मानद उपाधि भी प्रदान की गयी। उल्लेखनीय है कि कार्यक्रम का सीधा प्रसारण ऑनलाइन जूम लिंक एवं यूट्यूब के माध्यम से भी किया गया। 

Share
Advertisements

Leave a Reply

Your email address will not be published.