पशुपालकों को गोवंश की उन्नत नस्ल हेतु कृत्रिम गर्भाधान के लिये जागरूक करें
16 दिसंबर 2025, इंदौर: पशुपालकों को गोवंश की उन्नत नस्ल हेतु कृत्रिम गर्भाधान के लिये जागरूक करें – कलेक्टर श्री शिवम वर्मा की अध्यक्षता में दुग्ध समृद्धि सम्पर्क अभियान के द्वितीय चरण के क्रियान्वयन के संबंध में कलेक्टर सभागृह में बैठक आयोजित की गई। बैठक में कलेक्टर श्री वर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे दुग्ध समृद्धि सम्पर्क अभियान को निश्चित समय में संपादित करें। पशु पालकों से सतत सम्पर्क करें और उन्हें पशुओं के नस्ल सुधार, पशु पोषण एवं पशु स्वास्थ्य पर व्यापक रूप से जागरूक करें। पशुपालकों को उन्नत नस्ल के गौवंश को बढ़ावा देने के लिये गोवंश को कृत्रिम गर्भाधान के लिये अधिक से अधिक प्रेरित करें। पशुओं का टीकाकरण समयसीमा में हो। दुधारू पशुओं द्वारा दुग्ध उत्पादन की मात्रा 5 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत बढ़ाने के लिये लगातार प्रयास करें।
कलेक्टर श्री वर्मा ने कहा कि राज्य शासन द्वारा शुरू की गई भीमराव अम्बेडकर कामधेनु योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए । यह योजना पशु पालन को बढ़ावा देने के लिये है, जिसका पंजीयन ऑन लाइन होता है। यह योजना उन पशु पालकों के लिये विशेषकर है, जिनके पास साढ़े तीन एकड़ भूमि है और वे एक यूनिट में 25 पशुओं का पालन कर सकते हैं। इस योजना के तहत पशुपालकों को सब्सिडी दी जाती है। बैठक में पशु चिकित्सा सेवा उप संचालक डॉ. डी.आर. पाटिल, अतिरिक्त उप संचालक डॉ. एम.एम. माने, पशु चिकित्सक डॉ. लेखा पनवेल सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
श्री वर्मा ने कहा कि हमारे ग्रामीण अर्थव्यवस्था के प्रमुख आधार पशुपालकों को सामाजिक, आर्थिक उत्थान, तकनीकी जागरूकता तथा उनकी आय दोगुनी करने के उद्देश्य से सम्पूर्ण मध्यप्रदेश में पशुपालन एवं डेयरी विभाग द्वारा सतत नवाचार किये जा रहे हैं। इसी नवाचार की श्रृंखला में विभाग द्वारा सम्पूर्ण प्रदेश में दुग्ध समृद्धि सम्पर्क अभियान संचालित किया जा रहा है।
बैठक में बताया गया कि मध्यप्रदेश शासन पशुपालन एवं डेयरी विभाग द्वारा सम्पूर्ण प्रदेश में दुग्ध समृद्धि सम्पर्क अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान का द्वितीय चरण 17 दिसंबर से प्रारंभ होना है। यह अभियान 5 से 9 गौवंशी तथा भैंस वंशी पशु रखने वाले पशुपालकों से उनके घरों पर जाकर सम्पर्क किया जायेगा। इस अभियान का मकसद नस्ल सुधार, पशु पोषण एवं पशु स्वास्थ्य में व्यापक रूप से जागरूक करना है। इस अभियान की न्यूनतम अवधि 7 दिवस और अधिकतम अवधि 15 दिवस रखी गई है। बैठक में बताया गया कि इस अभियान के तहत 10 हजार 941 पशुपालकों से संपर्क करना है। जिसमें कुल लक्षित पशुओं की संख्या 73047 है। यह अभियान कुल 583 गांवों में चलेगा। इस अभियान में कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण दिया गया है। विभाग द्वारा दुग्ध समृद्धि सम्पर्क अभियान का प्रथम चरण 02 अक्टूबर 25 तक प्रदेश के समस्त जिलों के 40 हजार 974 गांवों में सफलतापूर्वक संचालित किया गया था।
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