राज्य कृषि समाचार (State News)

आर्थिक सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता को मिलेगी अब नई गति

25 फ़रवरी 2025, भोपाल: आर्थिक सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता को मिलेगी अब नई गति – मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने समग्र विकास को दृष्टिगत रखते हुए प्रदेश को आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए ‘मध्यप्रदेश एमएसएमई विकास नीति-2025’ के क्रियान्वयन को मंजूरी दी। इससे प्रदेश में आर्थिक सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता को नई गति मिलेगी।

मध्यप्रदेश एमएसएमई विकास नीति-2025 में निवेश पर 40% तक की सहायता, नए उद्योगों में नवकरणीय ऊर्जा को प्रोत्साहन, अनुसूचित जाति/जनजाति, महिला उद्यमी इकाई को 48% की सहायता और पिछड़े विकासखण्डों में 1.3 गुना सहायता का प्रावधान किया गया है। निर्यात को प्रोत्साहित किया जायेगा। निर्यातक इकाई को निवेश पर 52% तक की सहायता, निर्यात हेतु माल ढुलाई पर अधिकतम 2 करोड़ रुपए की सहायता के साथ निर्यात के लिये प्रमाण पत्र पर 50 लाख रुपए की सहायता दी जायेगी। मध्यम इकाई को 100 से अधिक रोजगार देने पर डेढ़ गुना अनुदान दिया जाएगा। रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के लिए प्रति कर्मचारी 5000 रुपए प्रति माह 5 वर्ष तक मदद की जाएगी। इसके साथ ही कौशल विकास प्रशिक्षण हेतु 13000 रुपए की सहायता का भी नीति में प्रावधान किया गया है।

उद्योगों को 40% तक की सहायता, पिछड़े इलाकों को विशेष लाभ

नई नीति में राज्य में स्थापित होने वाले उद्योगों को निवेश पर 40% तक की वित्तीय सहायता मिलेगी। इसके अलावा, अनुसूचित जाति/जनजाति और महिला उद्यमियों द्वारा स्थापित इकाइयों को 48% तक की सब्सिडी दी जाएगी। औद्योगिक रूप से पिछड़े विकास खंडों में उद्योग लगाने पर यह सहायता 1.3 गुना अधिक होगी, जिससे इन क्षेत्रों में आर्थिक विकास को बल मिलेगा।

निर्यातकों को मिलेगा प्रोत्साहन

प्रदेश से निर्यात को बढ़ावा देने के लिए एमएसएमई नीति में निर्यातक इकाइयों को विशेष प्रोत्साहन देने का प्रावधान किया गया है। इसमें निवेश पर 52% तक की वित्तीय सहायता, निर्यात के लिए माल ढुलाई पर अधिकतम 2 करोड़ रुपए तक की सब्सिडी और निर्यात संबंधी प्रमाण पत्र प्राप्त करने पर 50 लाख रुपए तक की सहायता शामिल है।

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रोजगार सृजन और कौशल विकास पर जोर

प्रदेश में रोजगार सृजन को प्रोत्साहित करने के लिए मध्यम श्रेणी की औद्योगिक इकाइयों को 100 से अधिक लोगों को रोजगार देने पर डेढ़ गुना अधिक अनुदान दिया जाएगा। नई नीति में प्रति कर्मचारी 5 हजार रुपए प्रति माह की वित्तीय सहायता 5 वर्षों तक दी जाएगी। साथ ही औद्योगिक प्रशिक्षण और कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए प्रति कर्मचारी 13 हजार रुपए तक का प्रशिक्षण अनुदान भी प्रदान किया जाएगा।

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नई नीति से प्रदेश में निवेश और औद्योगीकरण को मिलेगी गति

नई एमएसएमई नीति लागू होने से मध्यप्रदेश में छोटे और मध्यम उद्योगों को नए अवसर मिलेंगे। इससे प्रदेश में औद्योगीकरण को गति मिलेगी। निवेशकों को आकर्षित करने के लिए दी गई वित्तीय सहायता और प्रोत्साहनों से रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। आत्मनिर्भर भारत के सपने को पूरा करने में मध्य प्रदेश की नई नीति महत्वपूर्ण साबित होगी।

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