राज्य कृषि समाचार (State News)

राजगढ़ के खेतों में ड्रोन क्रांति 2500 एकड़ में ऐतिहासिक स्प्रे

09 फरवरी 2026, राजगढ़राजगढ़ के खेतों में ड्रोन क्रांति 2500 एकड़ में ऐतिहासिक स्प्रे – कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा के निर्देशन में परंपरागत खेती के तौर-तरीकों को पीछे छोड़ते हुए राजगढ़ जिले के किसानों ने आधुनिक कृषि की दिशा में एक बड़ी छलांग लगाई है। अंकुरण फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी मऊ ने जिले में पहली बार ड्रोन तकनीक का उपयोग कर 2500 एकड़ भूमि पर फसलों का उपचार (स्प्रे) कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है।

साथ ही अंकुरण फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी के संचालक श्री श्याम राजपूत ने बताया कि कृषि ड्रोन का उपयोग केवल एक नवाचार नहीं, बल्कि किसानों की बड़ी समस्याओं का समाधान है।इसके प्रमुख लाभ है। जिनमें समय की भारी बचत घंटों का काम अब चंद मिनटों में पूरा हो रहा है। समान छिड़काव सेंसर आधारित तकनीक से पूरी फसल पर एक समान दवा का छिड़काव होता है, जिससे बर्बादी रुकती है। दुर्गम क्षेत्रों में सुगमता उन बड़ी फसलों या घने क्षेत्रों में भी स्प्रे संभव हो पाया जहाँ हस्तचालित पंप के साथ जाना मुश्किल था। किसान सुरक्षा खेतों में छिड़काव के दौरान किसानों को जहरीले जीवों (सांप-बिच्छू) और कीटनाशकों के सीधे शारीरिक संपर्क से होने वाले खतरों से सुरक्षा मिली है।

कंपनी के तकनीकी ऑपरेटर श्री नीरज राजपूत ने साझा किया कि इस रबी सीजन में टीम ने 3 अत्याधुनिक ड्रोन की मदद से सरसों, चना और मसूर जैसी फसलों को कवर किया है। 2500 एकड़ का यह सफर तो महज एक शुरुआत है। “हमारा लक्ष्य अगले साल 10,000 एकड़ तक पहुंचना है। रबी के साथ-साथ खरीफ सीजन में सोयाबीन और मक्का जैसी फसलों पर भी ड्रोन स्प्रे के परिणाम काफी उत्साहजनक होने वाले हैं।”

वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी सारंगपुर श्री राजेश राजपूत ने बताया कि कृषि ड्रोन तकनीक का जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन उत्साहजनक है। खेतों में ड्रोन से फसलों पर छिड़काव के काफी सकारात्मक और प्रभावी परिणाम देखने को मिल रहे हैं। इससे न केवल कीटनाशकों का सटीक उपयोग सुनिश्चित हो रहा है, बल्कि फसल की गुणवत्ता में भी सुधार आ रहा है। अंकुरण फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी जैसे संगठनों का यह प्रयास सराहनीय है।”

उपसंचालक कृषि श्री सचिन जैन ने कहा कि “राजगढ़ जिले में ड्रोन तकनीक के माध्यम से किया जा रहा यह नवाचार कृषि क्षेत्र में एक नई क्रांति ला रहा है। तकनीक के इस समावेश से निश्चित ही हमारे जिले के किसान अब पारंपरिक खेती के साथ-साथ आधुनिक कृषि पद्धतियों को अपना रहे हैं। शासन की मंशा के अनुरूप यह कदम किसानों की आय बढ़ाने और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने में सहायक सिद्ध होगा।” अंकुरण फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी का यह प्रयास न केवल राजगढ़ के किसानों को सशक्त बना रहा है, बल्कि ‘डिजिटल एग्रीकल्चर’ के सपने को धरातल पर उतार रहा है। यह तकनीक आने वाले समय में लागत कम करने और उत्पादन बढ़ाने में मील का पत्थर साबित होगी।

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