इसराइल की तर्ज पर ड्रोन से खेती करने वाला स्टार्टअप

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इंदौर के तीन युवाओं की पहल

20 मई 2022, भोपाल । इसराइल की तर्ज पर ड्रोन से खेती करने वाला स्टार्टअप   इंदौर के तीन युवाओं द्वारा 6 माह पूर्व शुरू की गई ड्रोन स्टार्टअप की पहल अब रंग लाने लगी है। यह स्टार्टअप मध्य भारत में इजराइल तकनीक से खेती करने में किसानों की मदद कर रहा है । इस तकनीक से जहां मिट्टी की उर्वरता कायम रहती है, वहीं उर्वरक और कीटनाशक की भी काफी बचत हो रही है। इसके साथ ही स्टार्टअप ड्रोन से ही आवश्यक चीजों की डिलीवरी का  ट्रायल भी जल्द ही शुरू होने वाला है ।

 अपनी तत्कालीन नौकरियों को छोड़कर पिछले साल  ड्रोन स्टार्टअप स्काईलेन ड्रोनटेक की शुरुआत करने वाले इंदौर के तीन युवा संस्थापकों  में से  सुश्री उत्सव खरे टीचिंग प्रोफेशनल से जुड़ी रही हैं। वह इलेक्ट्रॉनिक एंड टेलीकम्युनिकेशन की एक्सपर्ट हैं और ड्रोन टेक्निक में पीएचडी कर रही हैं,जबकि  श्री प्रयास सक्सेना मैनेजमेंट एक्सपर्ट है, वहीं  श्री शिखर मंडलोई हॉर्टिकल्चर और एडवांस फार्मिंग के एक्सपर्ट हैं।  इन तीनों युवाओं का उद्देश्य  परंपरागत खेती की परेशानियों को दूर कर किसानों को उन्नत खेती के संसाधन मुहैया कराना था। दिसंबर में शुरू हुआ यह स्टार्टअप सिर्फ 6 माह में ही 4000 एकड़ जमीन में ड्रोन के जरिए खेती शुरू करवा चुका है।

उल्लेखनीय है कि पूरी तरह भारत में निर्मित इस ड्रोन में 1 एकड़ खेत में उर्वरक व  पेस्टिसाइड स्प्रे करने में केवल 7 मिनट का समय लगता है, जबकि यही काम इंसानों द्वारा कराने पर 3 से 4 घंटे का समय लगता है । ड्रोन के जरिए इस तकनीक के इस्तेमाल से जहां समय और पैसे की बचत होती है, वहीं उर्वरक और पेस्टिसाइड के सही स्प्रे से उत्पादन भी अच्छा हो रहा है। इसके साथ ही मिट्टी की उर्वरता की पूरी तरह बनी रहती है । स्टार्टअप ग्रामीण क्षेत्रों में माइक्रो एंटरप्रेन्योर भी तैयार कर रहा है, जो गांव-गांव में उन्नत खेती के बारे में किसानों को शिक्षित कर रहे हैं।  इससे जहां युवाओं को रोजगार मिल रहा है, वहीं  किसान उन्नत खेती की ओर अग्रसर भी हो रहे हैं।

इन युवाओं ने बताया कि 6 माह पहले  इस स्टार्टअप को पहला प्रोजेक्ट महिंद्रा एंड महिंद्रा कंपनी का मिला जिसने पुणे के पास गन्ने के खेत में ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल किया । बाद में केंद्रीय मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर , श्री ज्योतिरादित्य  सिंधिया व मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान  ने ग्वालियर में इस ड्रोन स्टार्टअप की शुरुआत की थी। वर्तमान में स्टार्टअप द्वारा मध्यप्रदेश में खरगोन, रायसेन, बाडी बरेली, शाजापुर, सारंगपुर, गुना, ग्वालियर इंदौर के पास उदयपुरा ,में ड्रोन से खेती करवाई जा रही है। बताया गया कि ड्रोन से खेती की शुरुआत इसराइल से हुई थी जिसके बाद अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया में भी इस तकनीक से खेती होती है । अब सेंट्रल इंडिया में यही  तकनीक किसानों की संपन्नता को सुनिश्चित करेगी।  

स्टार्टअप  संस्थापकों ने जानकारी दी कि स्टार्टअप ‘दास ‘ ( ड्रोन एज ए सर्विस ) प्लेटफार्म पर काम कर रहा है ,जिसमें  ड्रोन की सभी सर्विेसेस को एक ही प्लेटफार्म पर लाया जा सकेगा । स्टार्ट अप द्वारा  जल्द ही ड्रोन के द्वारा आवश्यक सामान की डिलीवरी के लिए ट्रायल जल्द शुरू भी किया जाएगा ।यदि नतीजे अच्छे रहे तो  विदेशों की तर्ज पर  इंदौर में भी आवश्यक वस्तुओं की डिलीवरी ड्रोन से सुनिश्चित की जा सकेगी।

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