राज्य कृषि समाचार (State News)

रबी फसलों पर कीट व्याधियों के प्रकोप के नियंत्रण हेतु समसामयिक सलाह

26 दिसंबर 2024, झाबुआ: रबी फसलों पर कीट व्याधियों के प्रकोप के नियंत्रण हेतु समसामयिक सलाह – जिले में रबी मौसम का 134873 हेक्टेयर रकबा लक्षित होकर 130154 हेक्टेयर में बुआई कार्य संपन्न हो चुका है।  जिसमें मुख्यतः गेहूं 102235 हेक्टेयर, चना 20530 हेक्टेयर तथा मक्का 5885 हेक्टेयर सम्मिलित है। रबी मौसम की फसलों की स्थिति तथा रासायनिक  उर्वरकों  की उपलब्धता व वितरण व्यवस्था सुनिश्चित करने के संबंध में जिला कलेक्टर नेहा मीना द्वारा समय-समय पर प्रदत्त निर्देश के अनुक्रम में उप संचालक  कृषि  जिला झाबुआ श्री एन. एस. रावत द्वारा सतत क्षेत्र भ्रमण कर  फसलों  की स्थिति का जायजा ले रहे है। अद्यतन फसल अच्छी स्थिति में देखी गई है तथा रबी मौसम की फसलों को शीत लहर एवं पाले से बचाव हेतु निम्नानुसार सम सामयिक सलाह व पौधो में प्रकट होने वाले लक्षण के बारे में जानकारी भी दी जा रही है।

शीत लहर के कारण पौधों की  पत्तियां  व फूल झुलसने के बाद  झड़ने  लगते  हैं । रात के समय तापमान में गिरावट आने पर फसल की पत्तियों पर बर्फ की पतली परत जम जाती है, जिसे पाला कहते है। पाले से बचाव हेतु यांत्रिक  क्रियाएं  खेत की   मेड़  पर   धुंआ करना, पौधों के पास टटिया  बांधकर  उत्तर पश्चिम दिशा में वायुरोधी  करें ।  फसलों  में  सिचाई  करें । पादप  नियामकों  का प्रयोग घुलनशील सल्फर 200 ग्राम या थायो यूरिया 500 ग्राम प्रति 200 लीटर पानी में घोल बनाकर प्रति  एकड़  छिड़काव  करें । गेहूं फसल में  जड़  माहू कीट के नियंत्रण हेतु अनुशंसित  कीटनाशक क्लोरपाइरीफॉस 20 ईसी 1.5 लीटर प्रति हेक्टेयर 500 से 600 लीटर पानी में घोल बनाकर  छिड़काव   करें । गेहूं फसल में पीलापन आने पर अनुशंसित  19:19:19 का  छिड़काव   करें । चना फसल में  इल्ली का प्रकोप होने पर क्विनालफॉस 25 ईसी/प्रोफेनोफॉस 50 ईसी का उचित धोल बनाकर  छिड़काव  करें । मक्का फसल में फॉल आर्मीवर्म के नियंत्रण हेतु क्लोरपायरीफॉस 20 ईसी/ईमामेक्टिन बेन्जोएट 5 ईसी 04 ग्राम प्रति लीटर पानी में उचित घोल बनाकर  छिड़काव  करें ।

Advertisements
Advertisement
Advertisement


(नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़,  टेलीग्रामव्हाट्सएप्प)

(कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें)

कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

Advertisement
Advertisement

www.krishakjagat.org/kj_epaper/

Advertisement
Advertisement

कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

www.en.krishakjagat.org

Advertisements
Advertisement
Advertisement