धार में कपास उत्पादन बढ़ाने हेतु क्लस्टर स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित, विशेषज्ञों ने किसानों को दी आधुनिक खेती की टिप्स
15 नवंबर 2025, धार: धार में कपास उत्पादन बढ़ाने हेतु क्लस्टर स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित, विशेषज्ञों ने किसानों को दी आधुनिक खेती की टिप्स – मध्यप्रदेश के धाल जिले के कलेक्टर प्रियंक मिश्रा के आतिथ्य में बुधवार को साइमा कॉटन विकास अनुसंधान एसोसिंएशन कोयंबटूर (तमिलनाडु) द्वारा म.प्र. के धार जिले के किसानों के हित में किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग के सहयोग से राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन-कपास (एनएफएसएम) के अन्तर्गत कलस्टर स्तरीय प्रशिक्षण ग्राम कुमारउन्डी विकासखण्ड सरदारपुर में आयोजित किया गया।
कलेक्टर मिश्रा कहा कि किसानों को पी.एम. मित्रा टेक्सटाईल पार्क की स्थापना होने से क्षेत्र के किसानों को कपास के रकबे एवं उत्पादन पर विशेष ध्यान देना होगा। इस हेतु कपास की उच्च गुणवत्ता युक्त लम्बे रेशे की किस्में एवं वैज्ञानिक सलाह अनुसार किसान भाई जागरूक होकर अधिक उत्पादन प्राप्त कर आय में वद्धि कर सकते है। साथ ही वर्तमान मौसम की परिस्थितियों को ध्यान रखते हुये फसलों में बदलाव किया जाना आवश्यक है जिससे कृषकों को विपरित मौसम में नुकसानी का सामना नहीं करना पडेगा। कलेक्टर श्री मिश्रा ने आगामी खरीफ हेतु विभागीय कृषि अधिकारी एवं कृषि वैज्ञानिको को कपास की उन्नत उत्पादन तकनिकी से नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम करने के निर्देश दिये गये।
साइमा कॉटन विकास अनुसंधान के सहयोग से उन्नत किस्मों की उत्पादन तकनीक कलस्टर प्रदर्शन स्वसहायता समुह एवं किसान उत्पादक संगठन को जोडकर आयोजित करेगे। ज्ञानसिंह मोहनिया उप संचालक कृषि द्वारा बताया गया कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन-कपास (एनएफएसएम) योजना अन्तर्गत जिले में आगामी खरीफ सीजन में साइमा कॉटन एसोसिंएशन एवं विभाग के सहयोग से लंबे रेशे एवं अतिरिक्त लंबे रेशे वाले कपास के उन्नत किस्मों के बीज उपलब्ध करवाकर कपास के रकबे में वद्धि की जाएगी तथा कपास उत्पादन की उन्नत तकनीक का प्रचार-प्रसार किया जावेगा।
डॉ. एम. आशारानी सचिव एवं मुख्य कॉटन प्रजनक बीज साइमा सीडी द्वारा बताया गया कि साइमा कॉटन विकास अनुसंधान एसोसिएशन एवं आरए देश का एक मात्र गैर सरकारी संगठन है जो उपयोगकर्ता उद्योग द्वारा प्रवर्तित है और कपास उत्पादक किसानों को विभिन्न सेवाऍ प्रदान कर रहा है। इस हेतु म.प्र. शासन किसान कल्याण तथा कृषि विकास के निर्देशानुसार धार जिले के किसानों के हित में लंबे रेशे वाले और अतिरिक्त लंबे रेशे वाले कपास की उन्नत किस्मों के क्षेत्रफल में वृद्धि कर अधिक उत्पादन के लिए सर्वोत्तम कृषि पद्धतियों पर प्रशिक्षित कर किसानों को जागरूक करना है।
कार्यक्रम में केन्द्रीय कपास अनुसंधान संस्थान नागपुर (महाराष्ट्र) के पूर्व निदेशक डॉ. वाई.जी. प्रसाद द्वारा कपास के फसल प्रबंधन कीट नियंत्रण एवं उत्पादन तकनिकी जानकारी दी गई। कृषि विज्ञान केन्द्र धार के प्रमुख एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. संदीप चौहान द्वारा कपास उत्पादन हेतु मिट्टी की उर्वरा शक्ति को बनाये रखने के लिए संतुलित उर्वरक उपयोग करने के बारे में किसानों को जानकारी दी गई। श्री मधुबाबु कॉटन डेवल्पमेंट ऑफिसर साइमा कॉटन द्वारा कार्यक्रम में आयोजित प्रदर्शनी में कपास की विभिन्न किस्मों के बारे में अवलोकन कराया एवं जानकारी दी गई।
दिनेश गुप्ता विपणन सलाहकार साइमा सीडी एवं आरए द्वारा बताया कि हमारा उद्देश्य किसान भाइयों को नवीनतम तकनीक से उत्तम गुणवत्ता के कपास बीज का उत्पादन कर कपास के उत्पादन को बढ़ाना है जिससे किसान भाइयों को अधिक लाभ मिल सकेगा। कार्यक्रम में कलेक्टर मिश्रा एवं अनुविभागीय अधिकारी राजस्व सलोनी अग्रवाल द्वारा कुमारउन्डी के कृषक मुन्नालाल, मडु भाई एवं अन्य कृषकों से कपास फसल उत्पादन के संबंध में चर्चा कर साइमा कॉटन विकास अनुसंधान द्वारा प्रदाय कपास किस्मों के अनुभव कृषक द्वारा साझा किये गये । साथ ही कृषक मुन्नालाल के खेत में कपास किस्म सुरक्षा एवं शक्ति बीटी फसल प्रदर्शन का अवलोकन किया गया। कार्यक्रम में विभागीय अधिकारी/कर्मचारी, कृषि आदान विक्रेता एवं लगभग 200 से भी अधिक कपास उत्पादक किसान उपस्थित रहे। संगीता तोमर सहायक संचालक कृषि द्वारा आभार व्यक्त किया गया एवं मंच संचालन पूर्व कृषि विस्तार अधिकारी डी.के. उपाध्याय द्वारा किया गया।
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