राज्य कृषि समाचार (State News)

छिंदवाड़ा कलेक्टर ने की कृषि एवं कृषि सह संबद्ध विभागों की फॉलोअप समीक्षा

23 जनवरी 2026, छिंदवाड़ा: छिंदवाड़ा कलेक्टर ने की कृषि एवं कृषि सह संबद्ध विभागों की फॉलोअप समीक्षा – कलेक्टर श्री हरेंद्र नारायन ने  गुरूवार को  कलेक्टर कार्यालय के मिनी सभाकक्ष में कृषि एवं सह संबद्ध विभागों उद्यानिकी, पशुपालन, दुग्ध संघ, मत्स्य पालन, राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, जिला केंद्रीय सहकारी बैंक, सहकारिता एवं खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग की फॉलोअप समीक्षा बैठक ली ।

उर्वरक वितरण की गहन समीक्षा – बैठक में कलेक्टर श्री नारायन ने उर्वरक वितरण के तहत रबी सीजन के लिए खाद उपलब्धता, डबल लॉक केंद्र एवं नगद विक्रय केंद्रों में उपलब्ध यूरिया, भंडारण केंद्रों की क्षमता, प्रतिदिन वितरित उर्वरकों की मात्रा आदि की गहन समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि किसानों की उर्वरक की उपलब्धता सुचारू हो और जिले में ई विकास वितरण प्रणाली का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने धान खरीदी का भुगतान भी सभी किसानों को समय पर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।  उप संचालक कृषि श्री जितेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि रबी सीजन के लिए जिले में उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता है। ई-विकास प्रणाली 15 जनवरी 2026 से जिले में लागू हो गई है। अभी तक 2208 किसान ई टोकन के माध्यम से 889.815  मीट्रिक  टन उर्वरक प्राप्त कर चुके हैं। बैठक में नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग अंतर्गत लक्ष्य पूर्ति की भी समीक्षा की गई।

जिले में जैविक खेती को दिया जा रहा है बढ़ावा – जिले में जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। परंपरागत कृषि विकास योजना के अंतर्गत जानकारी दी गई कि जिले के किसानों को ऑर्गेनिक खेती से जोड़ने के लिए ईश एग्रीटेक प्राइवेट लिमिटेड इंदौर द्वारा जिले के 4 विकासखंडों अमरवाड़ा, जुन्नारदेव, हर्रई और तामिया से कुल 1814 इच्छुक कृषकों का चयन कर लिया गया है और इन्हें एफपीओ से जोड़ लिया है। इन किसानों को जैविक खेती के संबंध में क्लस्टर लेवल का प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है। कलेक्टर श्री नारायन ने आगामी सभी प्रक्रियाएं भी समय सीमा में पूरी करने के निर्देश दिए हैं। 3 साल तक लगातार बिना रासायनिक उर्वरकों के प्रयोग के खेती करने से ये कृषक जैविक खेती में शामिल हो जाएंगे, जिसका उन्हें सर्टिफिकेशन भी दिया जाएगा।

आगामी सीजन में नरवाई प्रबंधन के लिए पुख्ता कार्यवाही के निर्देश – कलेक्टर श्री नारायन ने कृषि एवं कृषि अभियांत्रिकी विभाग को स्पष्ट निर्देश दिए कि आगामी सीजन में जिले में नरवाई जलाने की घटनाएं न हों, इसके लिए अभी से पुख्ता कार्ययोजना बनाएं। हैप्पी सीडर, सुपर सीडर की उपयोगिता एवं लाभों के संबंध में किसानों को और जागरूक किया जाए।

Advertisement
Advertisement

खाद्यान्न का सुचारू वितरण हो सुनिश्चित– खाद्यान्न वितरण की समीक्षा के दौरान कलेक्टर श्री नारायन ने स्पष्ट निर्देश दिए खाद्यान्न वितरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शासन द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार ही खाद्यान्न का वितरण किया जाए। विक्रेता द्वारा खुद की अलग से प्रक्रिया न बनाई जाए। आगे इस तरह की शिकायतें बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। उन्होंने डूब प्रभावित क्षेत्रों और जनजातीय क्षेत्रों में खाद्यान्न के सुचारू वितरण के लिए विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए हैं।

Advertisement
Advertisement

अन्य निर्देश – बैठक में पशुपालन, दुग्ध संघ, मत्स्य पालन, सहकारिता, सहकारी बैंक एवं उद्यानिकी विभाग की भी समीक्षा की गई। उद्यानिकी विभाग को पी.एम.एफ.एम.ई योजना के तहत लक्ष्य पूर्ति के लिए विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए हैं। मत्स्य पालन विभाग को जिले में मत्स्य उत्पादन के आंकड़ों का सत्यापन करने और मछुआ केसीसी जारी करने के कार्य में प्रगति लाने के लिए निर्देशित किया है। बैठक में कृषि एवं संबंधित सभी विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

Advertisements
Advertisement
Advertisement

आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global Agriculture

Advertisements
Advertisement
Advertisement