विदेशी फलों की खेती को प्रोत्साहित कर रही है बिहार सरकार
25 फरवरी 2026, भोपाल: विदेशी फलों की खेती को प्रोत्साहित कर रही है बिहार सरकार – बिहार सरकार विदेशी फलों की खेती को प्रोत्साहित कर रही है। इसमें मुख्य रूप से स्ट्रॉबेरी और ड्रैगन फ्रूट शामिल है। सरकार के मुताबिक स्ट्रॉबेरी एवं ड्रैगन फ्रूट जैसी उच्च मूल्य वाली बागवानी फसलें छोटे एवं सीमांत किसानों के लिए कम समय में अधिक आय का प्रभावी माध्यम बनकर उभर रही है। इन फसलों की बाजार मांग को देखते हुए सरकार ने इनके योजनाबद्ध विस्तार का लक्ष्य निर्धारित किया है।
कृषि मंत्री राम कृपाल यादव के अनुसार, बिहार के किसानों को इन विदेशी फलों की खेती के लिए भारी वित्तीय सहायता दी जा रही है:स्ट्रॉबेरी विकास योजना के अंतर्गत लाभार्थी किसानों को प्रति हेक्टेयर 3,02,400 रुपये की सहायता दी जा रही है, जो कुल लागत का 40% है। यह कम समय में तैयार होने वाली फसल है, जो किसानों को तत्काल लाभ देती है। “ड्रैगन फ्रूट विकास योजना” के तहत किसानों को 2,70,000 रुपये प्रति हेक्टेयर का अनुदान दे रही है। ड्रैगन फ्रूट कम पानी में उगने वाली बहुवर्षीय फसल है, जो सालों-साल कमाई का जरिया बनती है।
कृषि मंत्री ने कहा कि सरकारी अनुदान से प्रारंभिक निवेश का बोझ कम होता है, जिससे किसान पारंपरिक फसलों के साथ-साथ उच्च मूल्य बागवानी अपनाने के लिए प्रेरित हो रहे हैं। इन फसलों की खेती से गाँव स्तर पर रोपण, तुड़वाई, ग्रेडिंग, पैकेजिंग परिवहन एवं विपणन जैसे कार्यों में रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं। महिला किसानों एवं स्वयं सहायता समूहों के लिए नर्सरी प्रबंधन, प्रसंस्करण तथा मूल्य संवर्धन (जैम, पल्प आदि) के माध्यम से अतिरिक्त आय के रास्ते खुल रहे हैं। इन उच्च पोषण मूल्य वाले फलों के उत्पादन से ग्रामीण परिवारों की पोषण सुरक्षा मजबूत होगी।
आवेदन कहाँ करें
इच्छुक किसान, किसान समूह या महिला स्वयं सहायता समूह अपने प्रखंड या जिला उद्यान कार्यालय अथवा कृषि विज्ञान केंद्र से संपर्क कर योजना की पात्रता एवं आवेदन की प्रक्रिया की जानकारी प्राप्त कर सकते सकते हैं।
ऑनलाइन आवेदन: बिहार बागवानी विभाग की आधिकारिक वेबसाइट (horticulture.bihar.gov.in) से आवेदन किए जा सकते हैं।
कार्यालय: अपने प्रखंड (Block) या जिला उद्यान कार्यालय से संपर्क करें।
परामर्श: नजदीकी कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) से तकनीकी जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
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