राज्य कृषि समाचार (State News)

नरवाई प्रबंधन एवं ग्रीष्मकालीन अन्य फसलों के लिए जागरूकता कार्यक्रम

19 अप्रैल 2025, ग्वालियर: नरवाई प्रबंधन एवं ग्रीष्मकालीन अन्य फसलों के लिए जागरूकता कार्यक्रम – नरवाई प्रबंधन एवं ग्रीष्मकालीन धान के स्थान पर कम पानी, कम लागत व कम समय में अच्छी पैदावार देने वाली फसलों के प्रति किसानों को आकर्षित करने के लिये जिले में कृषक जागरूकता कार्यक्रम व कृषक संगोष्ठियां आयोजित की जा रही हैं।

इस कड़ी में  गत दिनों जनपद पंचायत भितरवार के सभागार में एक दिवसीय कृषक वैज्ञानिक परिचर्चा का आयोजन किया गया, जो  जनपद पंचायत भितरवार की अध्यक्ष श्रीमती लक्ष्मी नारायण सिंह राजे के मुख्य आतिथ्य में हुआ। उन्होंने इस अवसर पर आह्वान किया कि पानी हमारी प्रमुख संपदा व जीवनदायी है। इसलिये पानी की बचत करें और धान की बजाय कम पानी में अधिक पैदावार देने वाली फसलें उगाएं। कृषि विज्ञान केन्द्र ग्वालियर के वैज्ञानिक डॉ. राजीव चौहान ने किसानों को धान की फसल के स्थान पर ग्रीष्मकालीन मूँग एवं कद्दू वर्गीय फसलें लगाने के संबंध में उपयोगी जानकारी दी।

 भितरवार के एसडीएम श्री देवकीनंदन सिंह ने किसानों से कहा कि पराली जलाना हर तरह से हानिकारक है। साथ ही कानूनी रूप से भी उचित नहीं है। उन्होंने कहा यदि किसी ने पराली जलाई तो कानूनी कार्रवाई की जायेगी।  उप संचालक  कृषि  श्री आर एस शाक्यवार ने किसानों से कहा कि नरवाई जलाने के बजाय हैप्पी सीडर के माध्यम से बुवाई करना चाहिए। इससे लागत भी कम आयेगी। साथ ही पराली का उपयोग खाद के रूप में होगा। उन्होंने किसानों की आय दोगुना करने के संबंध में भी उपयोगी बातें बताईं।  कार्यक्रम में जनपद पंचायत सीईओ श्री एल एन पिप्पल, अनुविभागीय कृषि अधिकारी श्री रणवीर सिंह जाटव, कृषि यंत्री श्री जी एस मर्शकोले एवं सहायक कृषि यंत्री श्री त्रिलोकचंद पाटीदार ने कृषि यंत्रों से पराली को खेत में मिलाने की विधि, नवीन कृषि तकनीक, ग्रीष्म ऋतु में हरी खाद के लिये ढेंचा लगाने इत्यादि के बारे में जानकारी दी।

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