पशुपालक ध्यान दें: ग्रीष्म ऋतु में पशुओं को लू और बीमारियों से बचाने के लिए अपनांए ये जरूरी उपाय
02 अप्रैल 2026, भोपाल: पशुपालक ध्यान दें: ग्रीष्म ऋतु में पशुओं को लू और बीमारियों से बचाने के लिए अपनांए ये जरूरी उपाय – पशुपालन एवं डेयरी विभाग द्वारा जिले के सभी पशुपालक एवं गौशाला संचालकों को ग्रीष्म ऋतु में पशुओं को बीमारियों से बचाव के संबंध में आवश्यक सलाह जारी की गई है। मध्यप्रदेश के पन्ना जिले के उप संचालक डॉ. एन.के. गुप्ता ने बताया कि तीव्र गर्मी के कारण गर्म हवाएं चलने की स्थिति में पशुओं को लू लगने एवं बीमार होने की अधिक संभावना होती है।
गर्मी के मौसम में बढ़ते तापमान से लू के साथ शरीर में पानी की कमी भी हो जाती है। पशुओं को तेज बुखार होने से नाक से श्राव का बहना, आंखो से आंसू गिरना, तेज सांस लेना तथा सुस्त होकर खाना पानी बंद करने जैसे लक्षण हो सकते हैं। इसलिए पशुओं को दोपहर के समय खुला नहीं रखना चाहिए, बल्कि गौशाला में ठण्डे व छायादार आवास की व्यवस्था इन्हें रखने के लिए आवश्यक है। गौशाला एवं पशुओं के आवास की नियमित साफ-सफाई भी जरूरी है। गौशालाओं में विद्युत व्यवस्था भी दुरूस्त रखना चाहिए, जिससे इलेक्ट्रिक दुर्घटनाओं से बचाव हो सके।
गर्मी के मौसम में पशुओं को दिन में ठण्डे पानी से नहलाने के साथ ठण्डा व स्वच्छ पानी पर्याप्त मात्रा में पिलाना चाहिए। इसके अलावा पशुओं को ठोस आहार न देकर तरलयुक्त नरम आहार का सेवन कराना जरूरी है। पशुओं को लू लगने अथवा बीमार होने पर तत्काल निकट के पशु चिकित्सालय में पशु चिकित्सक से संपर्क कर उपचार कराने के लिए कहा गया है I
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