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राज्य कृषि समाचार (State News)

गोबर से बनी मूर्तियों और सजावटी सामानों की कला: पन्ना के पवई में 3 दिवसीय कार्यशाला सम्पन्न

09 दिसंबर 2024, भोपाल: गोबर से बनी मूर्तियों और सजावटी सामानों की कला: पन्ना के पवई में 3 दिवसीय कार्यशाला सम्पन्न – ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने और गो-शालाओं को आत्मनिर्भर करने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश के दक्षिण पन्ना वन मण्डल ने पवई में 3 दिवसीय गोबर हस्तशिल्प कार्यशाला का आयोजन किया। यह कार्यशाला वन विभाग के ग्रीन इंडिया मिशन के तहत स्थानीय लोगों को आजीविका के नए साधन उपलब्ध कराने की दिशा में एक पहल थी।

पवई परिक्षेत्र की विद्यासागर गौ-वंश समिति की गौ-शाला में आयोजित इस कार्यशाला में पवई और मोहन्द्रा क्षेत्र के लगभग 50 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। कार्यशाला में गोबर से विभिन्न हस्तशिल्प उत्पाद बनाने और उनकी मार्केटिंग से जुड़ी तकनीकों का प्रशिक्षण दिया गया।

क्या था कार्यशाला में खास?

ग्रामीणों को गोबर से दीपक, भगवान गणेश, आदि योगी, भगवान बुद्ध की मूर्तियाँ, माता लक्ष्मी के चरण, मोबाइल होल्डर और सजावटी सामान जैसे उत्पाद बनाने की कला सिखाई गई। वन विभाग ने इस कार्यशाला में स्वानंद गौ-विज्ञान के संस्थापक जितेन्द्र भकने को आमंत्रित किया था, जिन्होंने उत्पाद बनाने की तकनीक सिखाई। वहीं, गौ-इरा स्टार्ट-अप की फाउंडर कृति अग्रवाल ने प्रतिभागियों को इन उत्पादों की मार्केटिंग और बिक्री के तरीकों पर मार्गदर्शन दिया।

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कार्यशाला का आयोजन और पर्यवेक्षण पवई उप वन मण्डल अधिकारी कल्पना तिवारी और वन परिक्षेत्र अधिकारी नीतेश पटेल ने किया। इसके अलावा आयोजन में डिप्टी रेंजर बी.के. खरे, वन रक्षक दिनेश राठौर, जयप्रकाश नारायण दुबे और मनीष वर्मा का योगदान रहा।

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गोबर हस्तशिल्प उत्पाद प्रशिक्षण की दूसरी 3 दिवसीय कार्यशाला 13 से 15 दिसंबर तक आयोजित की जाएगी। इसमें भी ग्रामीणों को आत्मनिर्भर बनाने और उनके उत्पादों को बाजार तक पहुँचाने के नए तरीके सिखाए जाएंगे।

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