रायसेन जिले के किसानों से लाल धान की खेती नहीं करने की अपील

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13 जुलाई 2022, रायसेन: रायसेन जिले के किसानों से लाल धान की खेती नहीं करने की अपील– जिले के किसान भाईयों से लाल धान की खेती नहीं करने की अपील कृषि विभाग के उप संचालक श्री एनपी सुमन ने की है। उन्होंने बताया कि जिले में धान खरीफ मौसम की प्रमुख फसल है इसकी खेती का रकबा प्रतिवर्ष बढ़ता जा रहा है। जिसमें मोटी धान एवं बासमती धान की बहुतायत मात्रा में खेती की जाती है जिन की गुणवत्ता देश-विदेश तक फैली हुई है परंतु जिले में कहीं-कहीं पर कुछ किसान भाइयों द्वारा अनजाने में लाल धान लगाई जा रही है। लाल धान की खेती करने वाले किसानों को प्रति हेक्टर उत्पादन तो कम मिलता ही है। साथ-साथ प्रसंस्करण के दौरान दाने टूटने से चावल की गुणवत्ता भी खराब होती है जिसके कारण बाजार में मांग भी कम होने से मूल्य भी कम मिलता है। सबसे बड़ी समस्या कृषकों को उपार्जन के समय आती है जब लाल धान को उपार्जन हेतु कृषक उपार्जन केंद्र पर लाते हैं तो वहां पर उपार्जन केंद्र लाल धान की खरीदी करने से मना करते हैं तब कृषकों को मानसिक परेशानी से गुजरना पड़ता है। इन सभी परेशानियों से बचने के लिए किसान भाइयों से लाल धान नहीं लगाने की अपील की गई है। किसान भाईयों को लाल धान की जगह भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद एवं कृषि विश्वविद्यालय के कृषि विज्ञान केंद्रों द्वारा अनुशंसित किस्मों जैंसे पूसा-1, पूसा-1121, पूसा-1460, पूसा-1637, पूसा-1718, पूसा-1692, आई आर-64, आई आर-36, जे आर-767, एवं एम टी यू-1010 का चुनाव करना चाहिए। ताकि किसानों को कोई भी परेशानी न आए ।

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