टीकमगढ़ जिले में खोला जा रहा एग्रीकल्चर इनक्यूबेशन सेंटर
11 अप्रैल 2026, टीकमगढ़: टीकमगढ़ जिले में खोला जा रहा एग्रीकल्चर इनक्यूबेशन सेंटर – कलेक्टर श्री विवेक श्रोत्रिय की अध्यक्षता में गत दिनों कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में प्रधानमंत्री धन धान्य कृषि योजना (पीएमडीडीकेवाई) की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में बताया गया कि जिले में पीएमडीडीकेवाई के अंतर्गत नवाचार के रूप में एग्रीकल्चर इनक्यूबेशन सेंटर खोला जा रहा है। इस अवसर पर प्रधान मंत्री धान्य कृषि योजना की नोडल एवं डिप्टी कलेक्टर श्रीमती अंजली शर्मा, उपसंचालक उद्यानिकी श्री अजय रोहित, कृषि वैज्ञानिक डॉ. आर के प्रजापति, एलडीएम लीड बैंक श्री कैलाश आर्य, योजना में संलग्न विभागों के विभाग प्रमुख सहित कृषक एवं युवा उपस्थित रहे।
एग्रीकल्चर इनक्यूबेशन सेंटर का उद्देश्य कृषि क्षेत्र में स्टार्टअप एवं नवाचार को बढ़ावा देने के लिए एवं युवाओं को कृषि आधारित रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने के लिए एक प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराना है। पीएमडीडीकेवाई के अंतर्गत विभिन्न विभागों की संचालित योजनाओं के संबंध में जागरूकता प्रदान कर उन्हें आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान करना इनक्यूबेशन सेंटर का मुख्य लक्ष्य है। इस क्रम में एग्रीकल्चर इनक्यूबेशन सेंटर की घोषणा के पश्चात कृषि विभाग, उद्यानिकी विभाग एवं उद्योग विभाग के विभाग प्रमुखों एवं फील्ड स्टाफ द्वारा निरंतर संपर्क कर , इच्छुक युवाओं द्वारा आवेदन प्रस्तुत किए गए ।
बैठक में कलेक्टर श्री श्रोत्रिय ने निर्देशित किया कि सेंटर में संचालित कार्यक्रमों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाये, ताकि अधिक से अधिक युवा इससे जुड़ सकें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सोशल मीडिया एवं अन्य माध्यमों से सेंटर की गतिविधियों, प्रशिक्षण कार्यक्रमों एवं उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी प्रसारित की जाए। उन्होंने निर्देशित किया कि सेंटर में समय-समय पर प्रशिक्षण, कार्यशालाएं एवं मार्गदर्शन सत्र आयोजित किए जायें। साथ ही, नवाचार एवं कृषि आधारित स्टार्टअप को प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न विभागों के साथ समन्वय बढ़ाया जाए । एग्रीकल्चर इनक्यूबेशन सेंटर के माध्यम से विभिन्न विभागों के सहयोग से युवाओं को व्यवसाय स्थापित करने, परियोजना तैयार करने तथा स्वरोजगार के लिए आवश्यक मार्गदर्शन दिया जाए।
बैठक में उपस्थित कृषकों एवं युवाओं ने बताया कि वो अभी फलदार पेड़-पौधे, अमरूद के बाग, गेंदे एवं गुलाब की खेती की जा रही है एवं अब आगे वो नेट हाउस, पॉली हाउस, ड्रिप प्रणाली पर आगे बढ़कर फूलों की खेती और फलों की खेती करना चाहते हैं। कुछ कृषकों ने बताया कि स्ट्रॉबेरी, शिमला मिर्च, मोटे अनाज की खेती भी की जा रही है। बैठक में उपस्थित युवा कृषक श्री संजय कुमार यादव ने बताया कि वो विभाग से योजना का लाभ लेकर पशुआहार निर्माण का व्यवसाय शुरू करने जा रहे हैं। साथ ही कृषक श्री नितिन पुरोहित ने बताया कि वे उद्यानिकी विभाग की सहायता से पॉली हॉउस लगाकर टमाटर एवं सब्जियों की खेती कर रहे हैं जिससे उन्हें अच्छी आय हो रही है। कलेक्टर श्री श्रोत्रिय ने उपसंचालक उद्यानिकी को निर्देशित किया कि सभी कृषकों को उनकी योजनानुसार प्रोजेक्ट स्वीकृत कर लाभ दिलाएं एवं कृषि वैज्ञानिकों से उनको समय -समय पर मार्गदर्शन दिलाएं।
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