कृषि विद्यार्थी तकनीक व नवाचारों के जरिए राष्ट्र निर्माण के ध्वजवाहक बनें – केन्द्रीय मंत्री सिंधिया
12 दिसंबर 2025, भोपाल: कृषि विद्यार्थी तकनीक व नवाचारों के जरिए राष्ट्र निर्माण के ध्वजवाहक बनें – केन्द्रीय मंत्री सिंधिया – राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय का 11वाँ दीक्षांत समारोह केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के मुख्य आतिथ्य में विश्वविद्यालय के दत्तोपंत ठेंगड़ी सभागार में आयोजित हुआ। समारोह में उपाधियाँ प्राप्त करने आए 543 विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए सिंधिया ने कहा कि आज से आप सभी का जीवन का नया अध्याय शुरू हो रहा है। उन्होंने विद्यार्थियों को सफल जीवन के तीन सूत्र – दृष्टि (Vision), सहयोग (Collaboration) और संवेदनशीलता (Compassion) – बताए। उन्होंने कहा कि कृषि के साथ-साथ अन्य क्षेत्रों में भी सफलता हासिल करने के लिए इन तीन गुणों का होना आवश्यक है।
तकनीक और नवाचार से कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाने का आह्वान
केंद्रीय मंत्री ने छात्रों को कृषि क्षेत्र में एआई, ड्रोन तकनीक और डिजिटल नवाचारों को अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा जब कृषि क्षेत्र तकनीकी रूप से सशक्त होगा। उपाधि प्राप्त छात्र राष्ट्र निर्माण में अपने योगदान से देश को मजबूत बनाने के लिए आगे आएं। इस अवसर पर उन्होंने अपनी दादी राजमाता स्वर्गीय विजयाराजे सिंधिया को याद करते हुए कहा कि उनका जीवन समाज के कमजोर वर्गों और ग्रामीण उत्थान के लिए समर्पित था।
विशेष प्रदर्शनी और आधुनिक कृषि इकाइयों का अवलोकन
दीक्षांत समारोह में केंद्रीय मंत्री ने विश्वविद्यालय में स्थापित एरोपॉनिक इकाई, जैविक तालाब और एकीकृत कृषि प्रणाली (IFS) मॉड्यूल का उद्घाटन और अवलोकन किया। साथ ही “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत पौधा रोपित किया। समारोह में प्रदेश के किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री श्री एदल सिंह कंषाना, ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, कृषि वैज्ञानिक चयन मंडल नई दिल्ली के अध्यक्ष डॉ. संजय कुमार, कुलगुरू प्रो. अरविंद कुमार शुक्ला सहित विश्वविद्यालय के अन्य गणमान्य सदस्य, छात्र-छात्राएं और उनके परिजन उपस्थित थे।
सरकारी प्रतिबद्धता और विश्वविद्यालय की उपलब्धियाँ
कृषि मंत्री श्री एदल सिंह कंषाना ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें किसानों के कल्याण और कृषि विकास के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही हैं। वहीं, विश्वविद्यालय के कुलगुरू प्रो. अरविंद कुमार शुक्ला ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों और अनुसंधानों पर प्रकाश डालते हुए छात्रों को मार्गदर्शन दिया। कृषि वैज्ञानिक चयन मंडल के अध्यक्ष डॉ. संजय कुमार ने जैनेटिक ग्रेन के महत्व और कृषि रकबे में गिरावट जैसी चुनौतियों का उल्लेख किया और छात्रों को कृषि में नवाचारों को अपनाने के लिए प्रेरित किया।
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