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राज्य कृषि समाचार (State News)

खरीफ 2026 हेतु उर्वरकों का पर्याप्त स्टॉक, किसानों को नहीं होगी कोई कमी- कृषि आयुक्त

03 अप्रैल 2026, जयपुर: खरीफ 2026 हेतु उर्वरकों का पर्याप्त स्टॉक, किसानों को नहीं होगी कोई कमी- कृषि आयुक्त – राजस्थान में आगामी खरीफ सीजन को ध्यान में रखते हुए उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित कर ली गई है और उनकी निरंतर आपूर्ति जारी है। कृषि विभाग द्वारा उर्वरकों की दैनिक उपलब्धता पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है ताकि किसानों को उनकी मांग के अनुरूप समय पर उर्वरक उपलब्ध हो सकें।

कृषि आयुक्त नरेश कुमार गोयल ने गुरुवार को उर्वरक आपूर्तिकर्ता कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक ली जिसमें प्रतिनिधियों  ने राज्य को पर्याप्त मात्रा में उर्वरकों की आपूर्ति का भरोसा दिया। बैठक में उर्वरकों की कालाबाजारी, जमाखोरी एवं अनियमितताओं पर सख्त नियंत्रण के निर्देश भी दिए गए।

आयुक्त ने बताया कि राज्य सरकार केंद्र के साथ समन्वय स्थापित कर किसानों की मांग के अनुरूप उर्वरकों की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित कर रही है। खरीफ 2026 के लिए अप्रैल से सितम्बर तक 11 लाख मीट्रिक टन यूरिया, 5.10 लाख मीट्रिक टन डीएपी, 1.50 लाख मीट्रिक टन एनपीके एवं 4 लाख मीट्रिक टन एसएसपी की मांग स्वीकृत की गई है।

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उन्होंने बताया कि केवल अप्रैल माह 2026 के लिए ही 78 हजार मीट्रिक टन यूरिया, 30 हजार मीट्रिक टन डीएपी तथा 28 हजार मीट्रिक टन एनपीके का आवंटन किया गया है, जिसकी आपूर्ति निरंतर जारी है। वर्तमान में राज्य में 3.87 लाख मीट्रिक टन यूरिया, 80 हजार मीट्रिक टन डीएपी, 68 हजार मीट्रिक टन एनपीके तथा 2.08 लाख मीट्रिक टन एसएसपी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है, जो गत वर्ष की तुलना में उल्लेखनीय रूप से अधिक है।

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मुख्यमंत्री एवं कृषि मंत्री के निर्देशानुसार उर्वरकों के पारदर्शी वितरण, समान उपलब्धता तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। जिलाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि जमाखोरी एवं कालाबाजारी करने वालों के विरुद्ध कठोर कदम उठाए जाएं। सीमावर्ती जिलों से उर्वरकों के अवैध परिवहन को रोकने हेतु 61 चेक पोस्ट स्थापित कर निगरानी बढ़ा दी गई है। साथ ही, विभाग द्वारा गुण नियंत्रण अभियान चलाकर उर्वरकों की गुणवत्ता सुनिश्चित की जा रही है।

किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड के अनुसार संतुलित उर्वरक उपयोग के लिए प्रेरित किया जा रहा है तथा जैविक खेती को बढ़ावा देने हेतु जागरूकता अभियान संचालित किए जा रहे हैं। उर्वरक विक्रेताओं के स्टॉक का पीओएस मशीन से भौतिक सत्यापन भी कराया जा रहा है। आयुक्त कृषि ने किसानों को आश्वस्त किया कि राज्य में उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता है और उन्हें किसी प्रकार की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। बैठक में इफको, कृभको, आईपीएल, एनएफएल, सीएफसीएल, एसएफसीएल, जीएनवीएफसी, जीएसएफसी एवं नर्मदा बायोकैम सहित विभिन्न उर्वरक कंपनियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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