टिकाऊ कृषि के लिए वैज्ञानिक जानकारी और पारंपरिक ज्ञान के बीच तालमेल जरूरी

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7 अक्टूबर 2021, जयपुर ।  टिकाऊ कृषि के लिए वैज्ञानिक जानकारी और पारंपरिक ज्ञान के बीच तालमेल जरूरी – उपराष्ट्रपति श्री एम वेंकैया नायडू ने गत दिवस काजरी, जोधपुर का दौरा किया और वैज्ञानिकों के साथ बातचीत की।

उप राष्ट्रपति ने काजरी द्वारा कृषि क्षेत्र में किये गए नवीन अनुसन्धान और नवाचारों को समझा और सराहा। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में किसानों को महत्वपूर्ण सुविधाएं दे रहा है साथ ही नवीन पद्धत्तियों के माध्यम से किसानों को कृषि में सहयोग और समृद्धि मिलेगी। उन्होंने काजरी के अवलोकन के दौरान वहां के उत्पादित बाजरी के बिस्किट्स और अन्य खाद्य पदार्थ चखे। सौर ऊर्जा संयत्र केंद्र के निरीक्षण के दौरान भी उन्होंने उपस्थित वैज्ञानिकों से सम्बंधित जानकारियां ली।

वैज्ञानिकों को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति ने किसानों को अधिक से अधिक लाभ पहुँचाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि प्रौद्योगिकियां प्रयोगशालाओं तक सीमित नहीं रहनी चाहिए और वैज्ञानिक जानकारी किसानों को हस्तांतरित की जानी चाहिए। इस संबंध में उन्होंने कृषि को टिकाऊ और लाभदायक बनाने के लिए पारंपरिक ज्ञान के साथ नई तकनीकों के संयोजन का भी आह्वान किया। उपराष्ट्रपति ने काजरी परिसर में राज्यपाल श्री कलराज मिश्र के साथ पौधारोपण भी किया।

काजरी के अवलोकन के दौरान उप राष्ट्रपति महोदय के साथ राज्यपाल श्री कलराज मिश्र, ऊर्जा व जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री डॉ. बी. डी. कल्ला, काजरी निदेशक डॉ. ओ. पी. यादव, व अन्य प्रशासनिक अधिकारियों और काजरी के वरिष्ठ वैज्ञानिक भी उपस्थित थे।

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