छिंदवाड़ा जिले के घोघरा में दिखा आधुनिक खेती का प्रदर्शन
01 अप्रैल 2026, छिंदवाड़ा: छिंदवाड़ा जिले के घोघरा में दिखा आधुनिक खेती का प्रदर्शन – छिंदवाड़ा जिला मध्य प्रदेश ही नहीं, बल्कि देश के नक्शे पर ‘जलवायु अनुकूल कृषि’ (Climate Resilient Agriculture) के एक चमकते हुए मॉडल के रूप में पहचान बना रहा है। इस सफलता के पीछे बोरलॉग इंस्टीट्यूट फॉर साउथ एशिया (BISA) का वह अंतर्राष्ट्रीय अनुभव, वैश्विक ज्ञान और तकनीकी कौशल है, जो स्थानीय किसानों की तकदीर बदल रहा है। इसी क्रम में ग्राम घोघरा में एक उच्च स्तरीय प्रदर्शन और प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न हुआ।
अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञता का स्थानीय लाभ – बोरलॉग इंस्टीट्यूट अपनी अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक विशेषज्ञता के माध्यम से छिंदवाड़ा के किसानों को विश्व स्तरीय तकनीक से जोड़ रहा है। ग्राम घोघरा में किसान श्री रघुवर चंद्रवंशी के खेत पर हैप्पी सीडर (Happy Seeder) मशीन के माध्यम से गेहूं की कटाई के बाद सीधे मूंग की बुवाई का प्रदर्शन किया गया। यह तकनीक इस बात का प्रमाण है कि कैसे अंतर्राष्ट्रीय शोध और स्थानीय कौशल मिलकर खेती को टिकाऊ बना सकते हैं।
तकनीकी सहायक दीपेंद्र सिंह ने साझा किया ‘स्मार्ट’ ज्ञान – बीसा (BISA) के तकनीकी सहायक श्री दीपेंद्र सिंह ने किसानों को बेहद सरल और व्यावहारिक भाषा में अंतर्राष्ट्रीय मानकों वाली ‘जीरो-टिलेज’ पद्धति के बारे में बताया। उन्होंने न केवल मशीन के उपयोग और रखरखाव की बारीकियां समझाईं, बल्कि खेत पर लाइव डेमोंसट्रेशन देकर यह सिद्ध किया कि बिना नरवाई जलाए और बिना जुताई किए भी बेहतरीन बुवाई संभव है।
BISA के तकनीकी योगदान की मुख्य विशेषताएं –
वैश्विक मानक: अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सफल ‘क्लाइमेट स्मार्ट’ तकनीकों को छिंदवाड़ा के खेतों तक पहुँचाना।
नरवाई प्रबंधन का मॉडल: नरवाई जलाने की समस्या का स्थायी और वैज्ञानिक समाधान प्रदान करना।
मिट्टी का पुनरुद्धार: शून्य जुताई के माध्यम से मृदा स्वास्थ्य और जल संरक्षण को बढ़ावा।
‘मिनी कस्टम हायरिंग सेंटर’ की स्थापना : तकनीक के लोकतंत्रीकरण के उद्देश्य से ग्राम घोघरा के किसान श्री तेजराम चंद्रवंशी को परियोजना के तहत निःशुल्क हैप्पी सीडर मशीन प्रदान की गई है। इस मिनी कस्टम हायरिंग सेंटर के माध्यम से अब क्षेत्र का प्रत्येक किसान BISA की इस अंतर्राष्ट्रीय तकनीक का लाभ उठा सकेगा, जिससे उनकी खेती की लागत कम होगी और मुनाफा बढ़ेगा।
छिंदवाड़ा: मध्य प्रदेश का गौरव– बोरलॉग इंस्टीट्यूट (BISA) के निरंतर मार्गदर्शन और प्रचार-प्रसार का ही सुखद परिणाम है कि छिंदवाड़ा जिला पूरे मध्य प्रदेश में जलवायु अनुकूल कृषि और नरवाई प्रबंधन का सर्वश्रेष्ठ मॉडल बनकर उभरा है। बीसा के इस मिशन ने न केवल पर्यावरण को नई दिशा दी है, बल्कि किसानों के जीवन में वैज्ञानिक चेतना और आर्थिक समृद्धि का संचार भी किया है। इस सफल प्रदर्शन ने यह स्पष्ट कर दिया है कि BISA के वैश्विक ज्ञान और छिंदवाड़ा के किसानों के परिश्रम के मेल से कृषि का भविष्य सुरक्षित और उज्ज्वल है।
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