राज्य कृषि समाचार (State News)

मध्यप्रदेश में 7.5 लाख किसान कर रहे हैं ऑर्गेनिक खेती: कृषि मंत्री कंषाना

24 अगस्त 2025, भोपाल: मध्यप्रदेश में 7.5 लाख किसान कर रहे हैं ऑर्गेनिक खेती: कृषि मंत्री कंषाना – मध्यप्रदेश के कृषि विकास मंत्री एदल सिंह कंषाना ने बताया कि भारत सरकार के जैविक खेती पोर्टल से अब तक 6 लाख किसान जुड़ चुके हैं। इस पोर्टल का उद्देश्य किसानों को उनके जैविक उत्पादों के लिए बाजार उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि इकोवा संस्था ने बीते 21 वर्षों में लगभग 3 लाख किसानों को प्रशिक्षण और उत्पाद प्रमाणीकरण से जोड़ा है।

मंत्री कंषाना भोपाल के सायाजी होटल में आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में किसानों को संबोधित कर रहे थे। यह आयोजन इंटरनेशनल कॉम्पिटेंस सेंटर फॉर ऑर्गेनिक एग्रीकल्चर (इकोवा) द्वारा किया गया था, जिसमें मध्यप्रदेश और कर्नाटक के किसान शामिल हुए।

परम्परागत कृषि विकास योजना से मिल रहा है लाभ

कृषि मंत्री ने बताया कि यह आयोजन भारत सरकार की परम्परागत कृषि विकास योजना के तहत किया गया है। इस योजना के माध्यम से पूरे देश में प्राकृतिक और जैविक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। योजना से अब तक लगभग 25 लाख किसानों को 15 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में लाभ मिला है।

उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में करीब 7.5 लाख किसान ऑर्गेनिक खेती कर रहे हैं, जो एक सराहनीय उपलब्धि है।

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किसानों और विक्रेताओं के बीच सीधा संवाद

कृषि मंत्री श्री कंषाना ने बताया कि यह कार्यक्रम किसानों और विक्रेताओं के बीच सीधा संवाद स्थापित करने वाला एक मंच है, जिससे सिर्फ मध्यप्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे देश के किसानों को लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह पहल किसानों को जैविक खेती अपनाने के लिए प्रेरित करती है और साथ ही उन्हें बेहतर बाजार और उचित मूल्य दिलाने में भी मदद करती है।

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जैविक खेती के साथ पशुपालन भी जरूरी

मंत्री कंषाना ने अपने संबोधन में कहा, “मैं खुद किसान हूं, मुझे पता है कि फसल में कितना खाद डालना चाहिए। आजकल किसान ज्यादा मुनाफा कमाने के लिए अधिक मात्रा में रासायनिक खाद का उपयोग कर रहे हैं, जिससे हमारे स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है।”

उन्होंने आगे कहा कि पहले के समय में घरों में गाय-भैंस पाले जाते थे, जिससे खाद की शुद्धता बनी रहती थी। इसलिए खेती के साथ-साथ पशुपालन को भी बढ़ावा देना आवश्यक है।

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