राज्य कृषि समाचार (State News)

इंदौर जिले में 149 प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (पैक्स) को बहुउद्देशीय बनाया गया

18 नवंबर 2025, इंदौर: इंदौर जिले में 149 प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (पैक्स) को बहुउद्देशीय बनाया गया – इंदौर जिले में स्थित प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (पैक्स) को बहुउद्देशीय बनाये जाने की प्रक्रिया जारी है। जिले में अब तक 149 प्राथमिक कृषि ऋण समितियों को बहुउद्देशीय बनाया जा चुका है। इन समितियों के माध्यम से विभिन्न व्यावसायिक गतिविधियां संचालित करने के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जा रही है। इस कार्ययोजना के माध्यम से उक्त समितियों द्वारा जन औषधि केन्द्र, कॉमन सर्विस सेन्टर, गैस एजेंसी, पेट्रोल पम्प संचालन, बिल/टैक्स कलेक्शन, वेयर हाउस संचालन, उपार्जन केन्द्र, कृषि उपज के विपणन, कृषि आदानों के क्रय सहित अन्य गतिविधियों का संचालन किया जाएगा।

प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (पैक्स) को बहुउद्देशीय बनाने के संबंध में  सोमवार को  कलेक्टर श्री शिवम वर्मा ने संबंधित विभागों के अधिकारियों की बैठक ली। बैठक में उपायुक्त सहकारिता श्री मनोज जायसवाल, इंदौर प्रीमियर को ऑपरेटिव बैंक के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री आलोक जैन सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे। बैठक में कलेक्टर श्री शिवम वर्मा ने निर्देश दिए कि प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (पैक्स) को बहुउद्देशीय बनाने के लिए जल्द ही कार्ययोजना तैयार की जाए। इसमें अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों का भी सहयोग लिया जाए।

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बैठक में जिले की ऐसी पंचायत/गांव जहां बहुउद्देशीय पैक्स या प्राथमिक दुग्ध उत्पादक एवं मत्स्य सहकारी समितियां कार्यरत नहीं है, वहां उनके गठन की समीक्षा गई। बताया गया कि जिले में 29 नई समितियों का पुनर्गठन किया गया है। इस प्रकार जिले में पंजीकृत पैक्स की संख्या 120 से बढ़कर 149 हो गई है। वहीं 29 पुर्नगठित प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों के कम्प्यूटरीकरण के संबंध में नई समितियों के कम्प्यूटरीकरण, भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय को आवश्यक बजट आवंटन एवं कम्प्यूटरीकरण की कार्यवाही का अनुमोदन किया गया है। बताया गया कि जिले में 12 ग्रामों में नवीन दुग्ध उत्पादक समितियों का पंजीयन किया गया है। इस प्रकार जिले में कार्यरत दुग्ध उत्पादक समितियां जो पूर्व में 382 थी, 12 नई पंजीकृत होने से 394 हो गई है।

इसी प्रकार 09 ग्रामों में नवीन मत्स्य समितियों का पंजीयन किया गया है। पूर्व में जिले में कार्यरत मत्स्य उत्पादक सहकारी समितियां 34 थी, 09 नई पंजीकृत होने से 43 हो गई है। बताया गया कि ऐसे विकासखण्ड जहां कृषक उत्पादन संगठन (FPO) गठित नहीं किये गये है, वहां पर राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम के सहयोग से FPO गठित किए जाएंगे। आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयक सहकारी संस्थाएं द्वारा जारी मानदंडों के अनुसार जिले में 3 कृषक उत्पादक संगठन का पंजीयन बी-पैक्स हातोद, बी-पैक्स पिगडम्बर, एवं ‘बी-पैक्स डकाच्या के अधीन पंजीकृत किया गया है। योजना के अनुसार उक्त कृषक उत्पादक सहकारी संगठन कार्यशील होने तक बी-पैक्स के नियंत्रण एवं मार्गदर्शन में कार्यवाही करेंगे।

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