Ad DesktopAd TabletAd Mobile
राज्य कृषि समाचार (State News)

राजस्थान के 12 लाख 76 हजार किसानों को 1324 करोड़ का अनुदान

50 प्रतिशत से अधिक किसानों को मिल रही मुफ्त बिजली

1 अक्टूबर 2022,  जयपुर । राजस्थान के 12 लाख 76 हजार किसानों को 1324 करोड़ का अनुदान – ऊर्जा राज्य मंत्री श्री भंवर सिंह भाटी ने कहा कि मुख्यमंत्री की बजट घोषणा के अनुरूप किसान मित्र ऊर्जा योजना के तहत प्रदेश के 12 लाख 76 हजार कृषि उपभोक्ताओं को बिजली बिलों में 1 हजार 324 करोड़ रूपये का अनुदान दिया गया है। लगभग 7 लाख 49 हजार किसानों का बिजली बिल शून्य हुआ है। इस प्रकार प्रदेश के करीब 50 प्रतिशत किसानों को बिजली नि:शुल्क मिल रही है। श्री भाटी ने कहा कि देशव्यापी कोयला संकट एवं राज्य में बिजली की मांग अप्रत्याशित रूप से बढऩे के बावजूद उपभोक्ताओं को सुचारू रूप से बिजली उपलब्ध कराने के पूरे प्रयास किये जा रहे हैं।

श्री भाटी विधानसभा में प्रदेश में बिजली की स्थिति पर हुई चर्चा का जवाब दे रहे थे। उन्होंने सदन को बताया कि कृषि उपभोक्ताओं के साथ-साथ घरेलू उपभोक्ताओं को बिजली बिलों में अनुदान देकर बड़ी राहत पहुंचाई है। उन्होंने बताया कि बजट घोषणा के अनुसार अगस्त 2022 तक 1 करोड़ 20 लाख घरेलू उपभोक्ताओं को लगभग 2 हजार 174 करोड़ रूपये का अनुदान दिया है। इससे 37 लाख 97 हजार घरेलू उपभोक्ताओं का बिजली बिल शून्य हुआ है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के सभी घरेलू उपभोक्ताओं को 600 से 750 रूपये प्रतिमाह तक का अनुदान दिया जा रहा है। श्री भाटी ने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा की गई सभी बजट घोषणाओं को पूरा किया जायेगा।
श्री भाटी ने बताया कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में दिसम्बर 2018 से सितम्बर 2022 तक 2 लाख 92 हजार 471 कृषि कनेक्शन जारी किये गये हैं, जबकि पूर्ववर्ती सरकार के समय पूरे 5 साल में 2 लाख 68 हजार 522 कृषि कनेक्शन जारी किये गये। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा की गई बजट घोषणा के अनुसार हमारी सरकार आने वाले 2 वर्षों में शेष लंबित कृषि कनेक्शन जारी करने का लक्ष्य हासिल करेगी।

श्री भाटी ने बताया कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में बेहतर काम करते हुए 10 हजार 463 मेगावाट सौर ऊर्जा तथा 2700 मेगावाट पवन ऊर्जा उत्पादन क्षमता के संयंत्र स्थापित किये गये हैं। साथ ही कुसुम योजना के तहत 42 मेगावाट क्षमता के सेन्टर स्थापित किये गये हैं।
ऊर्जा राज्य मंत्री ने कहा कि कोयले पर पूरा नियंत्रण केन्द्र सरकार का है। केन्द्र द्वारा ही राज्यों को कोल ब्लॉक आवंटित किये जाते हैं। राजस्थान को पहले से आवंटित खान में कोयला खत्म हो चुका है। दूसरी आवंटित खानों में स्थानीय लोगों के आंदोलन की वजह से कोयला उत्पादन नहीं हो पा रहा है। साथ ही महानदी कोल्स से कोयला लाना काफी महंगा और असुविधाजनक है। इन सभी परिस्थितियों के बीच केन्द्र सरकार से समन्वय कर कोयले की कमी को दूर करने का प्रयास किया जा रहा है।

Ad DesktopAd TabletAd Mobile
Ad DesktopAd TabletAd Mobile

वह स्वयं विभागीय उच्च अधिकारियों के साथ दो दिन पहले केन्द्रीय कोयला मंत्री से इस संबंध में चर्चा कर कोयला आपूर्ति बढ़ाने का आग्रह कर चुके हैं। उन्होंने विपक्ष के सदस्यों से आग्रह किया कि वे भी केन्द्र से कोयला आवंटन बढ़ाने में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि 10 प्रतिशत आयातित कोयला खरीदने की बाध्यता संबंधी केन्द्र सरकार के निर्देश के कारण राज्य को चार गुणा महंगी दरों पर कोयला खरीदना पड़ा।

कृषक जगत को व्हाट्सएप पर फॉलो करें
खेती-किसानी की ताज़ा खबरें, सीधे आपके फ़ोन पर
चैनल फॉलो करें

महत्वपूर्ण खबर: सोयाबीन की तीन नई किस्मों को मध्य प्रदेश में मंजूरी मिली